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‘पत्रकारिता के आदर्श के तौर पर जाने जाएंगे जितेंद्र दीक्षित’

मुजफ्फरनगर। पत्रकारिता के जीवंत स्कूल रहे मूर्धन्य पत्रकार जितेंद्र दीक्षित को हमारे बीच से गए तीन साल हो गए। असल बात न्यूज पोर्टल के संस्थापक और प्रणेता रहे दीक्षित जी 16 मार्च 2018 को हृदयाघात का शिकार हुए और गोलोकवासी हो गए थे। आज उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर शहर के गणमान्यजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और पत्रकार के तौर पर समाज के लिए उनके योगदान को याद किया।

 पुत्र तुल्य और समाजवादी पार्टी के नेता राकेश शर्मा के आवास पर हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजपाल सैनी, पूर्व विधायक अनिल सिंह, सपा जिला अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव गर्ग, पूर्व शहर अध्यक्ष सुधीर शर्मा, पंडित अवधराज शास्त्री, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र शर्मा, समाजसेवी त्रिलोचन सिंह गंभीर, वरिष्ठ पत्रकार ऋषिराज राही, पत्रकार राकेश शर्मा, प्रधान शिशुपाल, पूर्व सभासद पवन अरोरा, उमादत्त शर्मा, अमलेश शर्मा, रजत शर्मा, अमित शर्मा, सोराज सिंह, अशोक शर्मा, रणवीर सैनी आदि शामिल हुए और स्वर्गीय दीक्षित जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। कार्यक्रम का संचालन भारत भूषण अरोरा ने किया।

इस मौके पर वक्ताओं ने स्वर्गीय दीक्षित की निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कलम से मुजफ्फरनगर को मोहब्बत नगर बनाने का काम किया था। हर दल के राजनेताओं को समान रूप से सम्मान देते थे और सही को सही, गलत को गलत कहने का माद्दा उनके पास था। उनकी साहसिक पत्रकारिता के सभी कायल थे। राजीव गर्ग ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि दीक्षित जी को जब भी उनके संगठन की कमियां दिखीं, उसे कहने और लिखने में उन्होंने कभी कोई कोताही नहीं की। भारत भूषण ने कहा कि आज के दौर में जब पत्रकारिता अपने मुख्य उद्देश्य से भटक चुकी है, लोग सच लिखने और बोलने से कतरा रहे हैं, ऐसे माहौल में जितेंद्र दीक्षित विशेष रूप से याद आते हैं। उन्होंने अपने समय में निर्भीक होकर पत्रकारिता की और पत्रकारिता के मानदंडों का पालन करते हुए एक आदर्श स्थापित करने का काम किया।

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