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मनोज सिन्हा बने जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वस्त और पूर्व रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। राजनीतिक गलियारों में उनकी इस नियुक्ति को एक अलग नजरिये से देखा जा रहा है। राजनीतिक मामलों के जानकार और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर आनंद कुमार ने कश्मीर में एकाएक हुए इस अहम बदलाव के पीछे एक संभावना जताई है। उनका कहना है कि कश्मीर को लेकर पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृष्टिकोण में कुछ अंतर आ गया है। शाह तो कोरोना संक्रमण के चलते अभी अस्पताल में भर्ती हैं। पिछले साल जब कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाने की कवायद शुरू हुई, तो मोदी की सलाह थी कि कोई भी सख्त कदम उठाने से पहले थोड़ा इंतजार कर लिया जाए। चूंकि शाह उस वक्त अड़ गए थे तो सरकार को वह कदम उठाना पड़ा। भाजपा के वरिष्ठ राजनेता मनोज सिन्हा को उपराज्यपाल लगाने के पीछे पीएम मोदी की मंशा है कि जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक समाधान की एक नई राह खोजी जाए। खास बात है कि पूर्व रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल की जिम्मेदारी अनुच्छेद 370 हटाने के ठीक एक साल बाद दी गई है। गत वर्ष पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने की घोषणा की थी। उस दौरान वहां सत्यपाल मलिक राज्यपाल थे। केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद वहां उपराज्यपाल का पद सृजित हो गया। 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस ऑफिसर गिरीश चंद्र मुर्मू को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद वहां के सामान्य जनजीवन पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं, जिनमें से अधिकांश अब हटा ली गई हैं। परिस्थितियों में रोजाना सुधार हो रहा है।

ये होंगी नए उपराज्यपाल की चुनौतियां-आनंद कुमार का कहना है कि नए उपराज्यपाल को राजनीतिक भाषा में जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत कुछ समझाना पड़ेगा। अभी वहां के लोग समझ रहे हैं कि यहां मुस्लिम वर्चस्व खत्म हुआ है। वे चाहते हैं कि कश्मीर का अपना वजूद कायम रहे। लोगों के मन में यह डर बैठा हुआ है कि कहीं वे शेष भारत से अलग तो नहीं होंगे। जम्मू-कश्मीर की बहुत सी आबादी यह चाहती है कि उनका शेष भारत से जुड़ाव रहे। वह जुड़ाव राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्र में हो सकता है। अब यही जिम्मेदारी नए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को पूरी करनी है। चूंकि उनका सीधा संबंध पीएम मोदी से है, इसलिए वे शुरुआत से ही राजनीतिक समाधान के मकसद को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेंगे।

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