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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई हस्तियों ने दी रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों और विभिन्न दलों के शीर्ष नेताओं ने शुक्रवार को उनके सरकारी आवास पहुंचकर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल के हमारे वरिष्ठ साथी श्री राम विलास पासवान जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री पासवान का गुरुवार शाम निधन हो गया था। पासवान के पार्थिव शरीर को उनके सरकारी आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ शनिवार को उनके गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार, भाकपा महासचिव डी राजा, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, हर्षवर्धन और अश्विनी चौबे सहित कई नेताओं ने उनके सरकारी आवास 12 जनपथ पहुंचकर पासवान के अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों और विभिन्न दलों के शीर्ष नेताओं ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने दिवंगत नेता के अंतिम दर्शन के बाद शोक संतप्त परिवार को सांत्वना भी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने पासवान की पत्नी, उनके बेटे चिराग पासवान और परिवार के अन्य सदस्यों से कुछ देर बात भी की। बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर रामविलास पासवान जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए उनकी अटल प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवानजी के अंतिम दर्शन कर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। गृह मंत्री अमति शाह ने एक ट्वीट में केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ साथी श्री राम विलास पासवान जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी श्रद्धांजलि-केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भी पासवान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित नेता, उत्कृष्ट सांसद और सक्षम प्रशासक खो दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दो मिनट का मौन रखा गया और पासवान के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। समाजवादी आंदोलन के स्तंभों में से एक रहे पासवान को देश के प्रमुख दलित नेताओं में शुमार किया जाता है। पासवान की 1990 के दशक में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से जुड़े मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। खगड़िया में 1946 में जन्मे पासवान का चयन पुलिस सेवा में हो गया था, लेकिन उन्होंने अपने मन की सुनी और राजनीति में चले आए। पहली बार 1969 में वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। वह आठ बार लोकसभा के सदस्य चुने गए और कई बार हाजीपुर संसदीय सीट से सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। समाज के वंचित तबके से जुड़े लोगों के मुद्दे उठाने में सबसे आगे रहने वाले पासवान जमीनी स्तर के मंझे हुए नेता थे जिनके सभी राजनीतिक दलों और गठबंधनों के साथ हमेशा मधुर संबंध रहे रहे। अपने गृह राज्य बिहार के प्रति उनके समर्थन के कारण पांच दशक लंबे राजनीतिक करियर में वह हमेशा केन्द्र की सभी सरकारों में शामिल रहे। वह 1989 से अपने अंतिम समय तक जनता दल से लेकर, कांग्रेस और भाजपा नीत राजग जैसी भिन्न और विपरीत विचाराधाओं वाली सरकारों का हिस्सा रहे।

केंद्र व राज्यों में आधा झुका राष्ट्रीय ध्वज-देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर करके केंद्र व राज्यों में सरकारी दफ्तरों में आधा झंडा झुका दिया गया है। शनिवार को रामविलास पासवान का अंतिम संस्कej पटना में किया जाएगा। ऐसे में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में रविशंकर प्रसाद पटना में मौजूद रहेंगे। रामविलास पासवान को बिहार का ही नहीं बल्कि देश के बड़े नेता के तौर पर देखा जाता है। वो कई केंद्र सरकारों के मंत्री रह चुके हैं और बिहार में भी उनकी अपनी पार्टी का इतिहास रहा है। रामविलास पासवान का लंबे समय से दिल्ली में इलाज चल रहा था।

मनमोहन ने चिराग को लिखा पत्र-पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोजपा नेता के निधन पर चिराग पासवान को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा, ‘मुझे आपके पिता के निधन के बारे में पता चला। केंद्र सरकार में रामविलास पासवान जी एक अहम दलित चेहरा रहे। 2004 में मैंने यूपीए सरकार का नेतृत्व किया था, जिसका पासवान जी हिस्सा थे, मेरे पास उस समय की बहुत सी यादें हैं। वे जननेता थे और उनकी बहुत प्रसिद्धि थी। वे एक ऐसा नेता थे जो जिसके भी संपर्क में आते थे, वे उनसे प्यार और उनका सम्मान किया करते थे। उनके निधन से देश ने एक महान दलित नेता खो दिया है जो समाज के गरीब और दबे-कुचले वर्ग के लिए हमेशा खड़े रहे। मैं आपके और आपके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं। भगवान आपको ये असीम दुख सहने की क्षमता दे।’

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