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एम.जी.पब्लिक स्कूल ने दो शिक्षिकाओं की विदाई समारोह को बनाया यादगार

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में दो शिक्षिकाओं का विदाई समारोह आयोजित किया गया। दोनों शिक्षिकाओं को एम.जी. विद्यालय परिवार और मैनेजमेंट कमेटी की ओर से भावपूर्ण विदाई दी गयी। उनके विद्यालय के प्रति समर्पित योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ ही दोनों शिक्षिकाओं ने विद्यालय परिवार से मिले प्रेम और सहयोग को लेकर भी अपनी अतीत से कुछ चुनिंदा स्मरणों को सामने रखा।
एम.जी. पब्लिक स्कूल में आज भावनाओं से ओतप्रोत समारोह में सीनियर विंग में अंग्रेजी की अध्यापिका श्रीमती सुदर्शन सैनी और मिडिल विंग की गणित की अध्यापिका श्रीमती अफरोज बेगम को भावपूर्ण विदाई दी गयी। विद्यालय प्रबंध समिति के चेयरमैन सतीश चन्द गोयल, वाइस चेयरमैन पुरुषोत्तम सिंघल, सचिव सुरेन्द्र कुमार सिंधी ने आज विद्यालय में अपना सफर पूरा करते हुए रिटायर्ड हो रही दोनों अध्यापिकाओं को स्मृति चिन्ह भेंट किये और प्रिंसीपल श्रीमती मोनिका गर्ग ने शॉल ओढाकर दोनों को सम्मानित किया। चेयरमैन श्री सतीश चन्द गोयल ने कहा कि रिटायरमेंट जीवन का कटु सत्य है। हमें जीवन में इसका सामना करना पड़ता है, रिटायमेंट चाहे जीवन का हो या फिर सर्विस का ये क्षण भावुक होता है। हमें कई यादों और स्मरणों के साथ सर्विस से विदा लेनी पड़ती है, लेकिन विदाई के दौरान हमें उत्साह और जोश कम नहीं होने देने चाहिए। हमें अतीत को छोड़कर भविष्य की ओर देखना चाहिए। सकारात्मक रूप से हमें अपनी ऊर्जा को समाप्त नहीं होने देना ,हमें समाज और परिवार के मार्गदर्शक के रूप में काम करने का नया लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने दोनो अध्यापिकाओं को शुभकामनाएं दी। डायरेक्टर श्री जी.बी. पाण्डे ने दोनों अध्यापिकाओं के द्वारा विद्यालय और छात्र छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्णतः समर्पण के साथ दी गयी सेवाओं को याद करते हुए उनको उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रिंसीपल श्रीमती मोनिका गर्ग ने कहा कि हमें सुखी जीवन के लिए सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए, उन्होंने जीवन के कुछ बहुमूल्य मंत्र देते हुए कहा कि जब हम अपनी कमियों को देखने लगें और अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए उनसे आगे बढ़ना सीख जाये तो हम एक अच्छा इंसान बन पायेंगे। दूसरों पर हंसने के बजाये हमें खुद पर हंसने की कला को अपने अंदर विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कपडों और रहन सहन से हमारे व्यक्तित्व का अंदाजा नहीं होता, हमारे आचार विचार और संगत ही हमारे व्यक्तित्व की परिभाषा होती है।
कार्यक्रम में सभी ने विद्यालय परिवार से रिटायर्ड होकर जा रही दोनों अध्यापिकाओं को भावपूर्ण विदाई दी। सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार सिंधी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन अध्यापिका रितु शर्मा ने किया।

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