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मोदी सरकार ने पेश किया 34,83,236 करोड़ रुपये का बजट, बोली वित्तमंत्री- इसमें कुछ भी दबा-छिपा नहीं

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 2021-22 के लिये संसद में कुल 34,83,236 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया है। यह चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 34,50,305 करोड़ रुपये से थोड़ा ही अधिक है। इसमें पूंजी व्यय 5,54,236 करोड़ रुपये है, जो 2020-21 के संशोधित अनुमान 4,39,163 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। बजट दस्तावेज के अनुसार राजस्व खाते पर व्यय 29,29,000 करोड़ रुपये अनुमानित है जबकि 2020-21 के संशोधित अनुमान के अनुसार इस मद पर खर्च 30,111,42 करोड़ रुपये दर्शाया गया है। राजस्व खाते से ब्याज भुगतान अगले वित्त वर्ष में 8,09,701 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के अनुसार 6,92,900 करोड़ रुपये है। राजस्व प्राप्ति को देखा जाए तो नये वित्त वर्ष में इसके 17,88,424 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में 15,55,153 करोड़ रुपये है। इसमें 2021-21 में केंद्र को शुद्ध रूप से कर राजस्व प्राप्ति 15,45,396 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं कर से इतर स्रोतों से प्राप्त राजस्व 2,43,028 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पूंजी प्राप्ति एक अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष में 16,94,812 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के अनुसार 18,95,152 करोड़ रुपये है।

बजट पेश करने के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्होंने एक खुला व पारदर्शी बजट पेश किया है। इसमें कुछ भी दबाने या छिपाने का प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार बजट का ध्यान बुनियादी संरचना पर खर्च बढ़ाने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करना था, ताकि कोरोना वायरस महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष में 7.7 प्रतिशत की दर से गिरने जा रही अर्थव्यवस्था को उबारा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार अपना हिसाब-किताब स्वच्छ करने के अवसर से नहीं चूकी है। उन्होंने कहा कि बजट में राजकोषीय प्रबंधन की भी स्पष्ट राह दिखायी गयी है और इसे 2025-26 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में मांग का सृजन करने के लिये चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम हुआ कि उधारी बढ़ गयी और फरवरी 2020 में जो राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत था, वह अब जीडीपी के 9.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है। अत: स्पष्ट है कि हमने खर्च किया है, अन्यथा राजकोषीय घाटा इतना ऊपर नहीं जाता। सीतारमण ने कहा कि बुनियादी संरचना पर खर्च 4.12 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5.54 लाख करोड़ रुपये और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर व्यय को 2020-21 के 94 हजार करोड़ रुपये के बजट अनुमान से बढ़ाकर 2.23 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसके पहले संसद में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कोरोना के प्रभावों के मद्देनजर लीक से हटते हुए 2021-22 का आम बजट कागजी दस्तावेज के बजाय टैबलेट से पढ़ा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 1 घंटा 50 मिनट के बजट भाषण के दौरान सत्तापक्ष के सदस्यों ने 90 से अधिक बार मेजें थपथपाकर विभिन्न प्रस्तावों का स्वागत किया । कई घोषणाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मेज थपथपा कर स्वागत किया। यह निर्मला सीतारमण द्वारा पढ़ा गया सबसे कम अवधि का बजट भाषण था। पिछले वर्ष उन्होंने अपना सबसे लम्बा बजट भाषण पढ़ा था। जुलाई 2019 में उन्होंने पहला बजट भाषण पढ़ा था जो 137 मिनट का था और 2020 में यह 160 मिनट का था। हालांकि पिछले वर्ष तबियत सही नहीं होने के कारण उन्हें अंत में बजट भाषण छोटा करना पड़ा था। सीतारमण ने इस बार भी लाल रंग के ‘बही खाता’ लाने का चलन जारी रखा। हालांकि इस बार कागज के दस्तावेज के स्थान पर टैबलेट था। बजट पढ़ते हुए सीतारमण ने रवीन्द्र नाथ टैगोर और तमिल भाषा के कवि थिरूकुक्कुरल को उद्धृत किया।

ये वस्तुएं होंगी मंहगी…-रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर के लिये कॉम्प्रेशर और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड जैसे हिस्से-पुर्जे, कच्ची रेशम और कपास, सौर इनवर्टर और लालटेन, वाहनों के विंडस्क्रीन, वाइपर, सिग्नल के उपकरण , पीसीबीए, कैमरा, मोड्यूल, कनेक्टर, बैक कवर, मोबाइल फोन के उपकरण, मोबाइल फोन चार्जर के कल-पुर्जे, लिथियम ऑयन बैटरी में उपयोग कच्चे उत्पाद, प्रिंटर के इकं-कार्ट्रिज और इंक स्प्रे नोजल, चमड़े के तैयार उत्पाद, नाइलोन फाइबर और धागा, प्लास्टिक बिल्डर वेयर, तराशे गये ङ्क्षसथेटिक पत्थर।

ये सामान सस्ते हुए:-सोना और सोने के बने अलौह धातु (गोल्ड डोर), चांदी और चांदी के बने अलौह धातु (सिल्वर डोर), प्लैटनिम, और पैलेडियम, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और राजनयिक मिशन द्वारा आयातित चिकित्सा उपकरण।

रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये-2021 के केंद्रीय बजट में रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये की ‘रिकॉर्ड’ राशि आवंटित करने की घोषणा की, जिसमें से 1.07 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं। केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे ने भारत-2030 के लिए एक राष्ट्रीय रेल योजना तैयार की है। इस योजना का मकसद 2030 तक रेलवे प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार करना है, ताकि उद्योग के लिए लॉजिस्टिक लागत को कम किया जा सके और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि मैं रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा कर रही हूं, जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्वी और पश्चिमी माल गलियारे (ईडीएफसी और डब्ल्यूडीएफसी) जून, 2022 तक चालू हो जाएंगे। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ सुनीत शर्मा ने केंद्रीय बजट को रेलवे के लिए ‘कायाकल्प’ वाला बजट बताया। यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बजट रेलवे के भविष्य को ध्यान में रखकर इसे तैयार किया गया है। शर्मा ने कहा कि भारतीय रेलवे का पूंजीगत खर्च 2,15,058 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें 7,500 करोड़ रुपये आंतरिक संसाधन से, 1,00,258 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजटीय संसाधन से और 1,07,100 करोड़ रुपये आम बजट में पूंजीगत खर्च आवंटन से होगा। शर्मा ने कहा कि सकल बजटीय आवंटन 2020-21 की तुलना में 37,050 करोड़ रुपये ज्यादा है।

बजट में आत्मनिर्भरता की दृष्टि, इसके दिल में गांव, किसान: मोदी-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बजट में आत्मनिर्भरता की दृष्टि है जो हर क्षेत्र में ऑल राउंड विकास की बात करता है और इसके दिल में गांव और किसान हैं। बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2021 का बजट असाधारण परिस्थितियों के बीच पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें यथार्थ का एहसास भी और विकास का विश्वास भी है।

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