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मोदी सरकार ने संसद में मांगा विपक्षी दलों से सहयोग

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग का आव्हान किया है। सोमवार से आरंभ हो रहे नई लोकसभा के पहले सत्र में सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई जहां विपक्षी दलों ने भी बेरोजगारी, किसानों और सूखे जैसे मामलों पर चर्चा कराने की मांग की।

संसद भवन में रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद को सुचारू रूप से संचालित करने तथा देश व जनहित के कल्याण के मुद्दों पर सभी दलों से एक साथ मिलकर काम करने के लिए सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की है। मोदी ने बैठक में नव-निर्वाचित संसद-सदस्यों का स्वागत करते हुए आशा जताई कि संसद के कामकाज में उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने सभी नेताओं से आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें आत्म-निरीक्षण करना चाहिए कि क्या संसद सदस्य जन प्रतिनिधि के रूप में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम हैं? उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही को बाधित करके हम जनप्रतिनिधि देश लोगों का दिल नहीं जीत सकते। इसलिए सभी दलों को राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर राष्ट्र की प्रगति के लिए अथक परिश्रम करना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने सभी दलों के नेताओं को सरकार के साथ सहयोग करने, 2022 तक नया भारत बनाने तथा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सही अर्थ को हासिल करने का भी आग्रह किया।

इस बैठक में पीएम मोदी के अलावा सरकार की ओर से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, संसदीय कार्य मंत्री प्रहृलाद जोशी, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा वी मुरलीधरन प्रमुख रूप से शामिल हुए। जबकि विपक्षी दलों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन और सुदीप बंदोपाध्याय, राकांपा सांसद सुप्रिया सुले, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा व अधिरंजन चौधरी, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, सपा के रामगोपाल यादव, माकपा के डी राजा, आप के संजय सिंह, द्रमुक के टीआर बालू के अलावा जयदेव गल्ला, सीएम नरेश, राम मोहन नायडू, एनके प्रेमचंद्रन, के सुरेश, वी विजयसाई रेड्डी जैसे नेता प्रमुख रुप से शामिल हुए। मोदी ने यह भी आश्वासन दिया कि संसद में सभी राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार कियाजाएगा और दोनों सदनों में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सरकार चर्चा कराने को भी तैयार रहेगी।

सभी दलों को साथ लेकर चलने का प्रयास
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहृलाद जोशी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी दलों को सरकार की दो नई पहलों की जानकारी देते हुए प्रस्ताव रखा है। इसमें मोदी ने 19 जून को संसद में प्रतिनिधित्व देने वाले सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को आमंत्रित किया है तथा 20 जून को सभी संसद-सदस्यों को आमंत्रित किया है। इन बैठकों में शामिल होने वाले नेता सरकार के साथ खुली बातचीत कर सकेंगे और विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इस नई शुरुआत से सभी संसद-सदस्यों में टीम भावना का विकास होगा और इससे संसद की सुचारु कार्यवाही सुनिश्चित होगी। इन प्रस्तावों पर रचनात्मक चर्चा के जरिए गतिरोध समाप्त करने वाली पहल पर सभी दलों ने सहमति जताई है। केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने कृषि व किसानों की समस्या, बेरोजगारी और सूखे जैसे ज्वलंत मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने पर बल दिया,जिसके लिए सरकार ने विपक्षी दलों को भरोसा दिया है। बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं को बताया कि विपक्षी दल राष्ट्र व जनहित के किसी भी मुद्दो का सदन में विरोध नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने रोजगार जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा कराने की मांग की है। आजाद ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को हटाकर वहां जल्द विधानसभा चुनाव कराने की भी सरकार के समक्ष मांग की है

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