Press "Enter" to skip to content

चार साल में 3100 से ज्यादा नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले चार साल में 3,169 वामपंथी उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। रेड्डी ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उग्रवादी घटनाओं की संख्या में भी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि 2016 से इस साल 15 नवंबर तक कुल 3169 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि 2016 में 1,442 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया जबकि 2017 में यह संख्या 685 , 2018 में 644 और इस साल 15 नवंबर तक 398 थी। रेड्डी ने बतया कि 2016 से इस साल 15 नवंबर, 2019 के बीच हिंसा की कुल 3,368 घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मई 2014 से अप्रैल 2019 के बीच वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की घटनाएं पिछले पांच साल की अवधि की तुलना में 43 प्रतिशत कम रही हैं। 2019 में भी गिरावट का यह रुझान जारी रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न नीतियों के दृढतापूर्वक कार्यान्वयन के कारण हिंसा में लगातार कमी आयी है और इसके भौगोलिक क्षेत्र में भी कमी हुई है। उन्होंने कहा कि केवल 10 जिलों में ही दो तिहाई वामपंथी उग्रवाद की हिंसा होती है। उग्रवाद प्रभावित जिलों में सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए रेड्डी ने कहा कि सड़कों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में प्रस्तावित करीब चार हजार मोबाइल टावरों में से करीब 2330 टावर लगा दिए गए हैं। क्षेत्रों में आईटीआई के साथ 55 कौशल विकास केंद्रों की भी स्थापना की गयी है।  प्रभावित क्षेत्रों में बैंकों की नयी शाखाओं के अलावा एटीएम और डाकघर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सात केंद्रीय विद्यालय, छह जवाहर नवोदय विद्यालयों के लिए भी मंजूरी दी गयी है।  सपा सदस्य विश्वंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि वह मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।इस पर सदन में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘‘सदस्य ने विकास के बारे में सवाल किया था और उसका जवाब दिया गया। आपको जवाब पसंद नहीं आया… यह मानसिकता ठीक नहीं है।’’इसके बाद निषाद ने सदन से वाकआउट किया।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.
More from अपराधMore posts in अपराध »
More from खबरMore posts in खबर »

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

    Mission News Theme by Compete Themes.