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एनडीएमए ने दिल्ली, एनसीआर राज्यों में छदम अभ्यामस कराया

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नई दिल्ली- राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कल दिल्‍ली के 11 जिलों सहित एनसीआर के हरियाणा (4 जिले – झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत) और उत्तर प्रदेश (3 जिले – गौतम बौद्ध नगर, गाजियाबाद और मेरठ) में छद्म अभ्‍यास कराया। इस अभ्यास का उद्देश्य उच्च तीव्रता वाले भूकंप के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकारों की तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र का अभ्यास करना था। यह संबंधित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) के सहयोग से आयोजित किया गया था।

दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल श्री अनिल बैजल और मुख्‍यमंत्री श्री अरविन्‍द केजरीवाल को दिल्‍ली के विभागीय आयुक्‍त के आपात परिचालन केन्‍द्र (ईओसी) केन्‍द्र में सभी तैयारियों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर मुख्‍य सचिव और वरिष्‍ठ अधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा की तथा इस बारे में तय समय सीमा  के भीतर कुछ बड़े कदम उठाने  का फैसला लिया गया। श्री बैजल और श्री केजरीवाल ने एनडीएमए से राज्‍य सरकार को इस मामले में मदद करने का अनुरोध किया। एनडीएमए के सदस्‍य लेफ्टिनेंट जनरल एन.सी.मारवाह (सेवानिवृत्‍त) ने उनके इस अनुरोध को स्‍वीकार किया। बाद में वे सभी बाड़ा हिन्‍दु राव अस्‍पताल गये, जिसे छद्म अभ्‍यास का एक स्‍थल बनाया गया था।

हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने फरीदाबाद स्थित आपात परिचालन केन्‍द्र (ईओसी) की गतिविधियों की समीक्षा की और राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के बचाव अभियान को देखा। इस छद्म अभ्‍यास के तहत हरियाणा के सोहना में केन्द्रित और रिक्टर स्केल पर 7 की तीव्रता वाले भूकंप की स्थिति में किस तरह के बचाव कार्य होंगे, इसे देखा गया । छद्म अभ्‍यास की शुरूआत सायरन के साथ हुई थी, जिसके जरिये ये संकेत दिया गया कि भूकंप के झटके आ रहे है। इस दौरान हर कोई अपने सिर को ढंकते हुए मेजों के नीचे जा छुपा। झटके बंद होने का संकेत मिलते ही प्रभावित स्‍थानों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्‍यास शुरू कर दिया गया। राज्‍यों और जिला स्‍तर पर आपदा परिचालन केन्‍द्रों को सतर्क कर दिया गया। नुकसान का आकलन किया गया। इन्‍सीडेंट कमांडरों के तहत बचाव टीमें गठित की गई और उन्‍हें प्रभावित स्‍थानों के लिए रवाना कर दिया गया। बचाव अभ्‍यास सेना, वायु सेना, के‍न्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल,केन्‍द्रीय पुलिस संगठन, एनडीआरएफ, यातायात पुलिस, अग्नि शमन विभाग और नागरिक सुरक्षा संगठनों के साथ मिलकर किया गया था।

एनडीएमए के सदस्‍य लेफ्टिनेंट जनरल एन.सी. मारवाह ने कहा कि आपदा के बाद चलाये जाने वाले बचाव अभियानों की सफलता के लिए विभिन्‍न एजेंसियों के बीच समन्‍वय सबसे जरूरी है। उन्‍होंने दिल्‍ली एनसीआर क्षेत्र में नियमित रूप से ऐसे अभ्‍यास चलाये जाने पर जोर देते हुए कहा कि ये क्षेत्र चौथी और तीसरी श्रेणी के भूकंप संभावित क्षेत्रों में आते है।

छद्म अभ्‍यास के बाद इसमें भाग लेने वालों को बचाव अभियान की कमियों और उन्‍हें दूर करने के उपायों की जानकारी दी गई। यह अभ्यास विभिन्न आपदाओं पर छद्म अभ्यासों की श्रृंखला में पहला है, जो आपदा की तैयारियों पर केंद्र की 100-दिवसीय कार्य योजना के तहत आयोजित किये जाने है। आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले एक अभ्यास आयोजित किया गया है। अन्य आगामी अभ्यासों में उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में जुलाई में बाढ़ और भूकंप की तैयारी का अभ्यास शामिल है। अगस्त में तमिलनाडु में एक मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास के साथ इनका समापन होगा।

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