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अब होम्योपैथिक दवाईयों द्वारा अनिन्द्रा का सम्पूर्ण एंव सुरक्षित इलाज

जनपद मुज़फ्फरनगर के प्रसिद्द डा0 चंद्रप्रकाश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि “हम किस प्रकार अनिन्द्रा (इंसोम्निया) रोग से छुटकारा पा सकते है। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव ,बेचैनी, भय, बुरे समाचार , व्यापारियों के नफे नुकसान या अन्य व्यापारिक परेशनियाँ, वृद्धो का दिन भर खाली पडे़ चिन्ता रहना, नर्स और चौकीदारी या अन्य ऐसे व्यक्ति जो लगातार रात भर जगते है आदि को नीदं न आने की बीमारी हो जाती है। रोगी निम्नलिखित दवाईयों का प्रयोग कर लाभ उठायें। आप महसूस करेगें। कि दवाईयों का ऐफक्ट तो है। पर साइड एफेक्ट नही है।

(1). नर्स या ऐसे अन्य कर्मचारियों को प्रायः रात में जागना पड़ता है। जो नाव, जहाज या गाड़ी में चढ़ने से अस्वस्थ हो जाते है। काकुलस इण्डिकस 30 शाक्ति को दिन में 3 बार लें। इसके प्रयोग से आप दुखित, आधीर, सारे शरीर में सुस्ती और कमजोरी आदि में छुटकारा पा सकते है।

(2). जिन बच्चों को दांत निकलने के समय मस्तिष्क में प्रदाहे और आनिन्द्रा की शिकायत होती है या जिन लोगों को पहले से अफीम खाने की आदत रही हो, उनको अनिन्द्रा आदि में छुटकारा दिलाने के लिए आप एक्टिया रेसिमोसा 30 शक्ति प्रतिदिन में 3 बार प्रयोग कर सकते है। यह लाभदायक होम्योपैथिक औषधि है।

(3). यदि किसी व्यक्ति या बच्चें को नींद न आना, जरा नींद आते ही सिहर उठना, हाथों-पैरों में कपकपी आना, रो उठना या डर कर जाग जाना। नर्वस (स्नायविक) व्यक्तियों को नींद आना, सारी रात छटपटाया करना, सोते सोते एकाएक उछल पड़ना, श्वासं प्रश्वासं में शिकायत है तो आप इससे बचने के लिए होयासियामस नाइजर 30 शाक्ति का दिन में 3 बार इस्तेमाल कर सकते है।

(4). यदि आपके मस्तिष्क में रक्त अधिकता की वजह से उत्पन्न टाइफाइड ज्वर के कारण नींद न आती हो, तो इसके लिए आप होम्योपैथिक की एब्सिन्थियम 30 शक्ति का दिन में 3 बार इस्तेमाल करे। यह एक लाभदायक औषधि है।

(5). किसी व्यक्ति या बच्चे का बिस्तर पर पडे़ पडें देर रात तक जागते रहना या जरा सी आहट में नींद का खुल जाना, या फिर आछन्नभाव में पडे़-पडे़ डरावने सपने देखना आदि में, ओपियम 30 शाक्ति का दिन में 3 बार प्रयोग कर सकते है। इसके नियमित प्रयोग से आप इस बीमारी से छुटकारा पा सकते है।

(6). भविष्य के लिये मन में ना-ना प्रकार की चिन्ताऐं और कल्पना करते रहना, एकाएक शोक का होना, दुख और आनन्द किसी विषय की चिन्ता, आखों में नीदं का ना आना, रात भर बिस्तर पर छटपटाना या करवट बदलना, रात में 3 बजे नींद का खुल जाना, स्वप्न देखने के कारण नींद का खुल जाना, या फिर मलद्वार में कुरकुराहट आदि की वजह से नींद का खुल जाना आदि से छुटकारा पाने के लिए, आप होम्योपैथिक काफ़िया क्रूडा़-200 शाक्ति की एक खुराक रात में जरूर ले, इससे आप जल्द ही छुटकारा पा सकते है।

(7). किसी स्नायविक बीमारी में औधाई का भाव रहे, किन्तु किसी तरह भी स्थिरता से आप सो नहीं सके या फिर दांत और मसूढे़ में दर्द आदि से छुटकारा पाने के लिए आप काक्सिनेला 30 शाक्ति को दिन में 3 बार अवश्य लें।

(8). यदि आपका बच्चा प्रायः सोने के समय चिल्लाकर या रोकर उठता है या फिर अपनी माता से ऐसे चिपट जाता है। जैसे वह स्वप्न में बहुत डर गया हो। इसके अलावा अगर उसकी रात को 2-3 बजे नींद खुल जाती है। और फिर नींद नहीं आती है। तो उससे छुटकारा पाने के लिए, आप अपने बच्चे को बोरेक्स -30 शाक्ति दिन में 3 बार जरूर दे।

(9). यदि आप रात भर जागते है, नींद नहीं आती हो, आंके बंद करने पर डरावनी मूर्तियों दिखती हो, जरा सी आवाज होने पर चींख उठना, निन्द्रावस्था में सिर से पसीने का बहना आदि ऐसी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए आप दिन में 3 बार कैल्केरिया कार्बोनिकम 30 शक्ति का प्रयोग करें।

(10). बच्चों और वृद्धों के अनिन्द्रा रोग आदि में पैसिफ्लोरा इनकार्नेटा की 20?25 बूदँ की मात्रा लेनी चाहिए। एवं सामान्य देख रेख-खाने में हल्का सतुंलित व सुपाच्य भोजन जरूर ले।

नोट- उक्त दवाईयो के प्रयोग या समझने में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर होम्योपैथिक चिकित्यक से परामर्श अवश्य लें। होम्योपैथिक दवाईयां कही से भी, किसी भी होम्योपैथिक स्टोर से, किसी भी पोटेसी (शक्ति) गोलियो की शक्ल मे खरीदी जा सकती है। गोलियां आमतौर पर 30 नम्बर साईज की होती है जो बच्चो को 4-6 बड़ों को 8 से 10 गोलियो को एक खुराक में लेनी चाहिए। आप अपनी आवश्यकतानुसार गोलियाँ, एक ड्राम, दो ड्राम, आधा औंस, एक औसं मात्रा में खरीद सकते है। मूल अर्क जिसे F के निशान से जाना जाता है। केवल तरल (लिकविड) रूप में ही स्टोर से मिलता है। बच्चो को 2 से 4 बून्द, बड़ों को 10 से 15 बून्द तक होम्योपैथिक चिकित्सक के निर्देशानुसार दो चम्मच पानी में मिलाकर (एक खुराक) दी जा सकती है। मूल अर्क को 5 एम0 एल0, 10 एम0 एल0, 15 एम0 एल0 और अधिकतम 30 एम एल की मात्रा में खरीदा जा सकता है। होम्योपैथिक दवाअर्यो को हाथ से नही छुवा जाता है। दवाईयो को लेने के आधा घण्टे पहले व घण्टा बाद तक कुछ न खायें। (पानी पी सकते है)

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