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देश में 24 घंटे में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ कर 38902 हुई, 543 की मौत

नई दिल्ली। लॉकडाउन खत्म करने के दूसरे चरण में देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का रिकॉर्ड हर रोज टूट रहा है। बीते 24 घंटे में सर्वाधिक 38,902 संक्रमण के नए केस सामने आए हैं। इसी अवधि में 543 मरीजों की मौत भी दर्ज की गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ अब कह रहे हैं कि इस महामारी का सामुदायिक प्रसार (कम्यूनिटी ट्रांसमिशन) शुरू हो चुका है।

स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक रविवार देर शाम तक देश भर से 38,902 नए कोरोना केस सामने आए हैं। 19 जुलाई की रात 10 बजे तक देश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़ कर 11,15,648 हो चुकी थी। इसमें से 3,88,336 सक्रिय मामले हैं, जबकि 6,99,428 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 26,816 लोगों की इस महामारी से जान जा चुकी है। वहीं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 18 जुलाई तक कोरोना वायरस के लिए 1,37,91,869 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। इसमें 3,58,127 नमूनों का परीक्षण पिछले 24 घंटे में किया गया।

विशेषज्ञों ने किया कम्यूनिटी ट्रांसमिशन का दावा..

इस बीच दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर ने दावा किया कि कोरोना वायरस का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन (सामुदायिक प्रसार) शुरू हो चुका है। अस्पताल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस देश के कुछ हिस्सों में जिस तेजी से फैल रहा है, उससे साफ है कि उसका सामुदायिक प्रसार हो रहा है। हालांकि यह पॉकेट में है। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसार का दावा किया है।

भारत में सात कंपनियां बना रही हैं वैक्सीन..

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच अच्छी खबर यह है कि इसके लिए वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया तेजी पकड़ चुकी है। भारत में ही सात कंपनियां कोरोना वैक्सीन बना रही हैं। घरेलू फार्मा कंपनी भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट, जायडस कैडिला, पैनेशिया बायोटेक, इंडियन इम्यूनोलॉजिक्स, मायनवैक्स और बायोलॉजिकल ई कोरोना वैक्सीन तैयार करने का काम कर रही हैं। भारत बायोटेक को वैक्सीन कैंडिडेट कोवैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण की अनुमति मिल चुकी है। कंपनी ने पिछले सप्ताह से मानव क्लीनिकल परीक्षण शुरू किया है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एस्ट्रजेनेका ऑक्सफोर्ड वैक्सीन पर काम कर रही है, जिसका तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण चल रहा है। इस साल के अंत तक इसके बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।

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