Press "Enter" to skip to content

नगला राई स्थित जामिया अल हिदाया मदरसे में वार्षिक कार्यक्रम आयोजित

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

चरथावल। क्षेत्र के नगला राई स्थित जामिया नगर के जामिया अल हिदाया मदरसे में वार्षिक कार्यक्रम का आयोजित हुआ। जिसमे मदरसे के सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षा परिणामो के साथ-साथ पुरुस्कृत किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में बच्चो सांस्कृतिक प्रोग्राम, भाषण, नज़्म प्रस्तुत करते हुए अपनी तालीमी सलाहियत का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे पूर्व विधान परिषद सदस्य चौधरी मुश्ताक अली, मुज़फ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के जनरल मैनेजर डॉ. अरशद इकबाल, सामाजिक कार्यकर्ता हारून ठेकेदार उपस्थित उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जामिया के अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद फुरकान असअदी ने की जबकि संचालन जामिया अल हिदाया के प्रबंधक मौलाना मूसा कासमी ने किया।

इस अवसर पर हाफ़िज़ मौहम्मद फुरकान असअदी ने कहा कि जब तक हमारे बच्चे और बच्चियां शिक्षा के मैदान को मिशन के तौर पर अपना ओढ़ना बिछौना नहीं बनाएंगे, तब तक हमें कामयाबी मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जमीअत की हमेशा यह कोशिश रही है कि भूखा प्यासा रहकर बच्चों की तालीम में कोई कमी बाकी ना रहे। उन्होंने उच्च अंकों से कामयाब होने वाले छात्र-छात्राओं को दुआ और बधाई से नवाज़ते हुए कहा कि यह कामयाबी सिर्फ मंजिल को हासिल करने का एक मात्र सीढ़ी है। इस बीच वहां उपस्थित राष्ट्रीय लोक दल के कद्दावर नेता पूर्व एमएलसी चौधरी मुश्ताक अली ने कहा कि जामिया अल हिदाया का निज़ाम और अनुशासन देखकर बेहद खुश हूँ, इस तरह के शिक्षण संस्था का होना। जिसमें दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा और इंग्लिश का अच्छा इंतजाम हो बहुत सख्त ज़रूरत है। वही देवबंद से आएं मौलाना सालिम साहब कासमी ने अपने संबोधन में कहा कि जिस अच्छे अच्छे तरीके से शिक्षा के लिए मेहनत और कोशिश की जा रही है। वह लाज़मी तौर से इतिहास के सुनहरे पन्नो में दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जामिया अल हिदाया से शैक्षिक कार्यकाल पूर्ण करने के बाद छात्र- छात्राएं जिस मैदान में भी जाएं, चाहे वह सियासत में जाएं, इंजीनियर बने, आईएएस या आईपीएस बने, लेकिन वह अपनी तहज़ीब और अपने तमद्दुन को बाकी रखेंगे।

इस अवसर पर पत्रकार आस मौहम्मद कैफ ने कहा तालीम के जरिए अपने अंदर सलाहियत पैदा कीजिए, पावर पैदा कीजिए, जिससे अपने समाज और अपने मुल्क की बेहतर तरीके से सेवा कर सकते हैं, उन्होंने कहा इस्लाम धर्म सिर्फ तालीम हासिल करने की ही इजाज़त नहीं देता बल्कि उसकी तरग़ीब भी देता है। इस मौके पर मौलाना जमालुद्दीन कासमी, हाफिज मोहम्मद फुरकान असअदी, पूर्व एमएलसी चौधरी मुस्ताक अली, डॉ. अरशद इकबाल, हारून ठेकेदार, मौलाना अहसान कासमी, मौलाना मूसा कासमी, मौलाना सलीम अहमद, पत्रकार आस मोहम्मद कैफ, हाजी नफीस प्रधान बाबा, हाजी फैयाज पूर्व प्रधान, डॉ. अरशद, साजिद, मास्टर फुरक़ान गौर, मास्टर आजम सिद्दीकी, हाजी अब्दुल कादिर मोहम्मद अफसरून डीलर, महबूब अली मुसतकीम अहमद कारी शाहनवाज उपस्थित रहे।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Be First to Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Mission News Theme by Compete Themes.