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बाबा लख्खीशाह बंजारा की 339वीं बरसी पर “जोड़ मेला-गुरमत समागम” का आयोजन

मुज़फ्फरनगर- भोपा क्षेत्र के गांव कासमपुरा में आज बंजारा समाज के पूर्वज और संरक्षक बाबा लख्खीशाह बंजारा की 339वीं बरसी पर “जोड़ मेला-गुरमत समागम” का आयोजन किया गया। जिसमे हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और रागियों द्वारा किए गए कीर्तन को पूर्ण श्रद्धाभाव से श्रवण किया। मेले के आयोजनकर्ता ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ (एआईबीएसएस) के उपाध्यक्ष सरदार चरण सिंह एवं समस्त ग्रामवासी रहे।

इस अवसर पर ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ के उपाध्यक्ष सरदार चरण सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज हम बाबा लख्खीशाह के ऋणी है, जिन्होंने देश और समाज के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए है। ऐसे योद्धा को देश और समाज के लोग कभी भुला नही सकते। इसके अलावा उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत मे समाज के युवाओं को बाबा लख्खीशाह बंजारा के बताए रास्तों पर चलने की सलाह दी।

कौन थे लख्खीशाह बंजारा:
लख्खीशाह बंजारा का जन्म 15 अगस्त 1580 को दिल्ली के रायसिना टांडा में हुआ था। इनके पिता का नाम गोधू तथा दादा का नाम ठाकुरदास बंजारा था। उनके पास दो लाख बीस हजार बैल और बीसियों हजार मालवाहक बैलगाड़ियाँ थीं। उनके एक काफिले में आठ से दस हजार तक बैलगाड़ियाँ होती थीं जिनमें से हरेक पर लगभग तीन क्विंटल माल लदा होता था। बाबा लख्खी शाह खुद एक धनी बंजारा नायक था। वह कीमती कपड़े पहनता और उसके गले में सोने, हीरों के हार सजे होते थे। साथ ही आपको भी बता दे कि व्यापारिक समाज से संबंध रखने वाली बंजारा समाज की महिलाऐं कभी पर्दों में नहीं रहती थीं बल्कि व्यवसाय में बराबर से हाथ बटाती थीं।

मेले के अंत में यहां उपस्थित श्रद्धालुओं को लंगर-पानी खिलाया गया। इस अवसर पर सरदार चरण सिंह, मनप्रीत कौर, कुलविंदर कौर, विकास कुमार, सोनू कुमार, मोनू कुमार, निखिल कुमार, सन्नी कुमार, अमित कुमार, सरदार रवि सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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