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पीएम ने दिया नया मंत्र, जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं,मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना का किया उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों को कोरोना से बचे रहने की सलाह दी है। उन्होंने शनिवार को नया मंत्र देते हुए कहा कि ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।’ प्रधानमंत्री मोदी ने दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का मंत्र भी न भूलने की सलाह ही। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह बार-बार कहते हैं कि जरूर याद रखिए। मेरी बात आप मानें भी। देखिए जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी, इस मंत्र को भूलना नहीं है। आपका स्वास्थ्य उत्तम रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनकर तैयार हुए घरों का उद्घाटन करने के दौरान लोगों को कोरोना से हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी। पीएम मोदी ने देशवासियों को दवाई की बात कहकर संदेश दिया कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक लोग अतिरिक्त सावधानियां बरतें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को गरीबों को आत्मविश्वास देने वाली योजना करार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ मकान बनाने की योजना नहीं है। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में योजना के तहत बने एक लाख 75 हजार आवासों का उद्घाटन करने के बाद कहा कि गरीबी से बाहर निकालने के लिए सबसे बड़ा रास्ता गरीब को ताकतवर बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य है कि गरीब लोग घर, बिजली, पानी, ईंधन जैसी रोजमर्रा की जद्दोजहद से बाहर निकलकर अपने भविष्य और प्रगति पर ध्यान लगाएं।

नए जीवन की शुरुआत कीजिए : पीएम-पीएम मोदी ने आवास योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी साथियों से यही कहूंगा कि ये घर आपके बेहतर भविष्य का नया आधार है। यहां से आप अपने नए जीवन की नई शुरूआत कीजिए। अपने बच्चों को, अपने परिवार को अब आप नई ऊंचाइयों पर लेकर जाइए। आप आगे बढ़ेंगे तो देश भी आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ मकान बनाने की योजना नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य है कि गरीब लोग घर, बिजली, पानी, ईंधन जैसी रोजमर्रा की जद्दोजहद से बाहर निकलकर अपने भविष्य और प्रगति पर ध्यान लगाएं।

अब सरकार लोगों के पास जाती है : पीएम मोदी-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले गरीब सरकार के पीछे दौड़ता था, अब सरकार लोगों के पास जा रही है। मोदी ने कहा कि अब किसी की इच्छा के अनुसार सूची में नाम जोड़ा या घटाया नहीं जा सकता। चयन से लेकर निर्माण तक वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीका अपनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “पहले जो घर बनते थे, उनमें पारदर्शिता की भी कमी थी, कई गड़बड़ियां भी होती थीं, इसलिए उन घरों की क्वालिटी भी बहुत बेकार होती थी। लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी लगाने होते थे। पहले जो घर बनते थे, उनमें गृहप्रवेश ही नहीं हो पाता था।

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