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सियासत: कोरोना वैक्सीन पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल,भाजपा ने इसे बताया वैज्ञानिकों का अपमान

नई दिल्ली। देश में रविवार को दो स्वदेशी कोविड वैक्सीन को कुछ शर्तों के साथ इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गई है। इसके बाद से कोरोना वैक्सीन को लेकर सियासत शुरू हो गई है। एक ओर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने वैक्सीन की मंजूरी पर सवाल उठाए हैं, जिस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने कांग्रेस और सपा के रवैये को देश के वैज्ञानिकों का अपमान बताया है। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) की ओर से ऑक्सफोर्ड के टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के ‘कोवैक्सीन’ के सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर और रमेश जयराम रमेश ने भी ट्वीट किया है। कांग्रेसी नेताओं ने वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से जवाब मांगा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया, ”कोवैक्सीन का अभी तक तीसरे चरण का परीक्षण नहीं हुआ है। स्वीकृति समय से पहले मिली है और यह खतरनाक हो सकती है। डॉ. हर्षवर्धन को स्पष्ट करना चाहिए। पूर्ण परीक्षण समाप्त होने तक इसके उपयोग से बचा जाना चाहिए था। इस दौरान भारत एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साथ अभियान शुरू कर सकता है।

पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने जताई हैरानी-कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी इसी तरह का सवाल उठाते हुए कहा कि भारत बायोटेक प्रथम श्रेणी का उद्यम है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि तीसरे चरण के परीक्षणों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रोटोकॉल कोवैक्सीन के लिए संशोधित किए जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को इसे बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।

देश के महान वैज्ञानिकों का अपमान किया: भाजपा-वैक्सीन को लेकर हो रही सियासत पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग जिस तरह बोल रहे हैं, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अखिलेश यादव को देश से माफी मांगनी चाहिए। कहा जा रहा है कि वैक्सीन नपुंसक बना देगी। देश इस पर सपा को क्षमा नहीं करेगा।

अखिलेश के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता-राशिद अल्वी ने कहा कि जिस तरीके से केंद्र सरकार सीबीआई, आईबी, ईडी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ कर रही है। इसमें वैक्सीन तो एक ऐसी चीज है, जिसका आम आदमी के साथ निश्चित तौर से इसका इस्तेमाल नहीं होगा, लेकिन विपक्ष के नेताओं को डर तो लगेगा क्योंकि ऐसे हाथों में सरकार है, जो देश के विपक्ष को या तो जेल में देखना चाहती है या उनकी राजनीति खत्म करना चाहती है। अखिलेश यादव के बयान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

आनंद शर्मा ने भी चिंता जताई-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने वैक्सीन की मंजूरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अनिवार्य प्रोटोकॉल तथा डेटा के सत्यापन का पालन क्यों नहीं किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय को इस मामले में अनिवार्य प्रोटोकॉल और जरूरतों के साथ समझौता करने के लिए अलग-अलग कारण बताना चाहिए, क्योंकि इसमें कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जिन्हें सीमित श्रेणी के तहत टीका लगाया जाएगा। शर्मा ने कहा कि डीसीजीआई के बयान में स्पष्टता की कमी है।

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