Press "Enter" to skip to content

राष्ट्रपति ने आइसलैंड में भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों को किया संबोधित

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

आइसलैंड: भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और स्लोवेनिया की अपनी यात्रा के पहले चरण में 9 सितंबर को आइसलैंड के रेकजाविक पहुंचे। यह 2005 में डॉ. कलाम की यात्रा के बाद किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की पहला आइसलैंड दौरा है। वही, मंगलवार यानी 10 सितम्बर को राष्ट्रपति ने बेस्सतादिर राष्ट्रपति निवास की यात्रा के साथ अपने दिन की शुरुआत की, जहां आइसलैंड के राष्ट्रपति श्री गुदनी जोहान्सन ने उनकी अगवानी और स्वागत किया।

राष्ट्रपति जोहान्सन के साथ मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने शानदार स्वागत और आतिथ्य सत्कार के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और महासागरों को बचाने के प्रबंधन करने में आइसलैंड के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने इन दोनों क्षेत्रों में भारत द्वारा हमेशा समर्थन देने का आश्वासन दिया। राष्ट्रपति ने आईसलैंड के मई 2019 में आर्कटिक काउंसिल के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक पर्यवेक्षक के रूप में भारत सक्रिय रूप से भाग लेगा और विचार-विमर्श में योगदान देगा। इसके बाद राष्ट्रपति ने दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया।

दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। राष्ट्रपति कोविंद ने भारत की गंभीर चिंताओं को समझने के लिए राष्ट्रपति जोहानसन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत कई दशकों से सीमापार आतंकवाद का शिकार रहा है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि आतंकवाद बुनियादी मानवाधिकारों के लिए सबसे बड़ा खतरा है और यह जिस भी रूप में हो, इससे दृढ़ता से निपटने की जरूरत है।

आर्थिक दृष्टिकोण में, आइसलैंड- भारत में साझेदारी को मजबूत करने की पूरी क्षमता है। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोगों के तरीकों और साधनों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि कैसे भारत के 2025 तक पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखने के साथ, भारत की परिवर्तनकारी वृद्धि और आइसलैंड की तकनीक से एक-दूसरे के अपार मूल्यों को जोड़ा जा सकता है।

भारत ने जलवायु परिवर्तन, समुद्री कचरे और पर्यावरण संबंधी अन्य मुद्दों पर आइसलैंड के साथ पूर्ण रूप से सहयोग करने पर सहमत जताई। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपनी आर्थिक प्रगति को स्वच्छ तकनीक के साथ जोड़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत सतत मत्स्य, समुद्री अर्थव्यवस्था, जहाजरानी, ​​हरित विकास, ऊर्जा, निर्माण और कृषि क्षेत्रों में आइसलैंड की क्षमता का लाभ उठाने का इच्छुक है। वहीं भारतीय कंपनियां फार्मा, हाई-एंड आईटी सर्विसेज, बायोटेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, इनोवेशन और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में आइसलैंड को अवसर प्रदान कर सकती हैं।

भारत और आइसलैंड ने राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए मत्स्य पालन सहयोग, सांस्कृतिक सहयोग और वीजा माफी के क्षेत्र में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए और आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति कोविंद ने घोषणा की कि जल्द ही आइसलैंड विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा की पढ़ाई शुरू होगी और इसके लिए कि आइसलैंड विश्वविद्यालय में भारत समर्थित हिंदी चेयर की स्थापना की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

    Mission News Theme by Compete Themes.