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ब्रिक्स सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,आतंकवाद के लिए मददगार देशों को ठहाराया जाए दोषी

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए नाम लिए बिना पाकिस्तान पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, ”आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को समर्थन और सहायता देने वाले देशों को भी दोषी ठहराया जाए, और इस समस्या का संगठित तरीके से मुकाबला किया जाए।’पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सप्ताह में दूसरी बार वर्चुअल मंच साझा किया।ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका के नेता कोविड-19 महामारी के बीच इकॉनमिक रिकवरी पर चर्चा की। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर पीएम मोदी ”ग्लोबल स्टैबिलिटी, शेयर्ड सिक्यॉरिटी एंड इनोवेटिव ग्रोथ” थीम पर आयोजित वर्चुअल ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुए। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व व्यापार संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार पर जोर देते हुए कहा है कि इन संस्थाओं की क्रेडिबिलिटी और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। इसकी वजह है कि समय के साथ इनमें बदलाव नहीं आया। ये अभी भी 75 साल पुरानी सोच पर हैं। भारतीय सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता है। इसमें हमें ब्रिक्स साथियों के सहयोग की जरूरत है।

पूरी दुनिया की मदद कर सकता है आत्मनिर्भर भारत-पीएम मोदी ने कहा कि हमने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एक व्यापक सुधार प्रक्रिया को शुरू किया है। यह कैंपेन इस विश्वास पर आधारित है कि आत्मनिर्भर भारत कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए फोर्स मल्टीपल्यार हो सकता है और ग्लोबल वैल्यू चेन्स में मजबूत योगदान दे सकता है। इसका उदहारण हमने कोविड519 के दौरान भी देखा, जब भारतीय फार्मा उद्योग की क्षमता के कारण हम 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाइयां भेज पाए। हमारी वैक्सीन उत्पादन और डिलीवरी क्षमता भी इस तरह मानवता के हित में काम आएगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान की बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत अपने देश में एक व्यापक सुधार प्रक्रिया शुरू की है। हमारा यह अभियान इस विश्वास पर आधारित है कि भारत वैश्विक वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान इस भरोसे पर आधारित है कि कोविड-19 के बाद स्वयं पर निर्भर हो चुका भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम भूमिका निभा सकता है और अन्य देशों की अर्थव्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

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