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चीन के साथ तनाव के बीच राजनाथ ने किया 44 नए पुलों का उद्घाटन

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में बनाए गए 44 पुलों को सोमवार को राष्ट्र को समर्पित किया। बीआरओ द्वारा निर्मित इन 44 पुलों में से 10 जम्मू-कश्मीर, सात लद्दाख, दो हिमाचल प्रदेश, चार पंजाब, आठ उत्तराखंड, आठ अरुणाचल प्रदेश और चार सिक्किम में है। इसके अलावा उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के तवांग के लिए नेचिपु सुरंग की भी आधारशिला रखी। यहां एक ऑनलाइन कार्यक्रम में पुलों का उद्घाटन करते हुए सिंह ने अपने संक्षिप्त संबोधन में पाकिस्तान और चीन से लगती भारत की सीमा पर स्थिति का हवाला दिया। रक्षा मंत्री ने कहा, आप हमारे उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर बनाई गई स्थिति से परिचित हैं। पहले पाकिस्तान और अब चीन। ऐसा लगता है कि एक मिशन के तहत सीमा विवाद बनाए गए हैं। इन देशों के साथ हमारी करीब 7000 किलोमीटर लंबी सीमा है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरंदेश नेतृत्व के अंतर्गत, भारत इन संकटों का न केवल मजबूती से सामना कर रहा है, बल्कि इन सभी क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव भी ला रहा है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्त ने बताया कि इन 44 पुलों में से अधिकतर रणनीतिक तौर पर अहम इलाकों में हैं और ये तेजी से सैनिकों और हथियारों की आवाजाही सुनिश्चित करने में सैन्य बलों की मदद करेंगे। इनमें से सात पुल लद्दाख में हैं। रक्षा मंत्री ने डिजिटल कार्यक्रम के जरिए अरूणाचल प्रदेश में नेचिफू सुरंग की सांकेतिक आधारशिला रखी। ये पुल सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बनाए हैं। इनका उद्धाटन ऐसे समय हुआ है जब भारत का पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध चल रहा है। सिंह ने कहा कि इन पुलों का निर्माण क्षेत्र में आम लोगों के साथ-साथ सेना के लिए भी फायेदमंद होगा। रक्षा मंत्री ने कहा, हमारे सशस्त्र बल के कर्मी उन इलाकों में बड़ी संख्या में तैनात हैं जहां साल भर परिवहन उपलब्ध नहीं रहता है। उन्होंने रेखांकित किया कि सीमा अवसंरचना में सुधार से सशस्त्र बलों को काफी मदद मिलेगी।

पुलों के उद्घाटन पर सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा कि हमने अस्थायी पुलों को स्थायी पुलों में बदल दिया है। इस साल हम अपनी क्षमता से तीन गुना अधिक काम कर रहे हैं। यह आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन और हमारी सामरिक ताकतों के खिलाफ तेजी में मदद करेगा। लद्दाख में बड़ी संख्या में पुलों का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 40-50 पुल निर्माणाधीन हैं जो छह महीने से डेढ़ साल के बीच पूरे हो जाएंगे।

चीन सीमा के पास हैं 22 पुल-यह पहली बार है जब देश की अलग-अलग सीमाओं पर बने पुलों का इतनी बड़ी संख्या में उद्घाटन किया गया। मई से चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच बीआरओ दिन-रात एक करके सीमाओं पर मौजूद नदी-नालों पर पुलों का निर्माण कर रही है। इनमें से 22 पुल अकेले चीन सीमा पर जाने के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें से एक हिमाचल प्रदेश के दारचा में तैयार किया गया है जिसकी लंबाई करीब 350 मीटर है।

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