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आतंकवादी घटनाओं में आई कमी, घुसपैठ की कोशिशें बढ़ीं

नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई मामलों पर जवाब दिया। जिसमें नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को मानव तस्करों द्वारा खाड़ी देश भेजने, कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद हुए घुसपैठ और हमले के मामले और जम्मू-कश्मीर में हुई गैर-कश्मीरी नागरिकों की हत्या शामिल है।

सबसे पहले गृह मंत्रालय ने लोकसभा में खाड़ी देशों में महिलाओं और किशोरियों के अपहरण और तस्करी की रिपोर्ट पर कहा, ‘बड़े पैमाने पर महिलाओं और किशोरियों के अपहरण और खाड़ी देशों में उनकी तस्करी की घटनाएं भारत सरकार के ध्यान में नहीं आई हैं। हालांकि कभी-कभी विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कुछ भारतीय महिलाएं प्रवास की अनुमति के बगैर (इमिग्रेशन क्लीयकेंस) विदेशों में रोजगार चाहती हैं, विशेषकर खाड़ी देशों में। ऐसी महिलाएं रोजगार से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की चपेट में आ जाती हैं। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए हमले और घुसपैठ के मामलों पर मंत्रालय ने कहा, ‘पांच अगस्त के बाद आतंकवादी हिंसा की घटनाओं में कमी आई है। पांच अगस्त 2019 से 27 नवंबर 2019 के बीच 88 ऐसी घटनाएं हुई हैं। वहीं 12 अप्रैल 2019 से 4 अगस्त 2019 में इन घटनाओं की संख्या 106 थी। सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों की संख्या में वृद्धि हुई है। पांच अगस्त 2019 से 31 अक्तूबर 2019 के बीच 84 बार इस तरह की कोशिश की गई है। वहीं यह संख्या नौ मई 2019 से चार अगस्त 2019 के बीच 53 थी। गृह मंत्रालय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कितने नागरिकों की हत्या की गई जिसमें गैर-कश्मीरी मजदूर भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 19 नागरिकों जिसमें गैर-कश्मीरी मजदूर भी शामिल हैं, उनकी आतंकलाद से संबंधित घटनाओं में हत्या की गई है। जम्मू-कश्मीर सरकार की मौजूदा योजना के तहत आतंकवाद से संबंधित हिंसा में मारे गए नागरिकों के परिजनों को एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा केंद्रीय योजना के तहत 5 लाख रुपये दिए जाते हैं।

इस वजह से कश्मीर घाटी में इंटरनेट पर पाबंदी

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि कश्मीर घाटी में युवाओं को भड़काने के मकसद से पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया पर डाले जा रहे भारत विरोधी भड़काऊ पोस्टों को रोकने के लिए जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया है। जम्मू कश्मीर में पांच अगस्त से इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा हुआ है।  रेड्डी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि घाटी के युवाओं को उकसाने तथा आतंकवादियों एवं आतंकवाद को महिमामंडित करने के मकसद से सीमापार से सोशल मीडिया पर डाले जा रहे भारत विरोधी भड़काऊ पोस्टों के मद्देनजर इंटरनेट पर कुछ पाबंदियां लागू की गयी हैं। जम्मू कश्मीर सरकार ने जानकारी दी है कि घाटी में सभी आवश्यक सेवाएं सामान्य तरीके से चल रही हैं।

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