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रिजर्वेशन काउंटरों को भी आईआरसीटीसी को सौंपने की तैयारी

नई दिल्ली। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) अगले एक साल के भीतर रेलवे के 13 हजार से अधिक रिजर्वेशन काउंटर्स का अधिग्रहण करेगा। रेलवे बोर्ड द्वारा इस योजना को लेकर कार्य किया जा रहा है।

आईआरसीटीसी के अफसर भी बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद रिजर्वेशेवन काउंटरों के संचालन के मसौदे पर काम कर रहे हैं। रेलवे द्वारा इसे न्यूएज टिकटिंग सिस्टम नाम दिया गया है। रेलवे में वर्तमान समय में 3.60 करोड़ से अधिक टिकटों की बुकिंग की जाती है। इनमें से 2.44 करोड़ से अधिक टिकट आईआरसीटीसी से की जाती है। वहीं, बाकी बुकिंग रिजर्वेरेशन काउंटर्स के द्वारा की जाती है। वर्ष 2017 में रेलवे बोर्ड ने प्लान तैयार किया था कि काउंटरों से रिजर्वेशन को पूरी तरह बंद कर दिया जाए और बुकिंग की पूरी व्यवस्था आईआरसीटीसी के हवाले कर दी जाए, लेकिन उस समय तकनीकी परेशानियों के चलते इस योजना पर अमल नहीं हो पाया था। अब विगत जुलाई महिने से बोर्ड ने दोबारा आईआरसीटीसी को रिजर्वेशन काउंटर सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर बोर्ड के अफसरों द्वारा ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इस में व्यवहारिक तौर पर यह भी शामिल किया जा रहा है कि आईआरसीटीसी किस तरह से रिजर्वेशन काउंटरों का संचालन करेगा। इसके अलावा अफसरों द्वारा यह भी प्लान किया जा रहा है कि काउंटर टिकटिंग की व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त कर ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था ही लागू की जाए। जैसे ही रेलवे बोर्ड द्वारा आधिकारिक आदेश जारी होंगे, उसके 90 दिन के अंदर वर्तमान में काउंटरों का सिस्टम संभालने वाली एजेंसी सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) को आईआरसीटीसी में मर्ज करना होगा।

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