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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 का परिणाम:मध्य प्रदेश का इंदौर शहर लगातार चौथे साल टॉप पर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देशभर के शहरों में साफ-सफाई से संबंधित ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ के परिणामों की घोषणा की। इसमें एक बार फिर से लगातार चौथे साल पहले पायदान पर इंदौर काबिज है। जबकि गुजरात का सूरत शहर दूसरे पायदान पर रहा। वहीं आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने तीसरे पर नवी मुंबई, चौथे पर विजयवाड़ा, पांचवे पर अहमदाबाद, छठवें पर राजकोट, सातवें पर भोपाल, आठवें पर चंडीगढ़, नौवें पर जीवीएमसी विशाखापत्तनम और दसवें पर वडोदरा हैं। राज्यों के मामले में 100 से ज्यादा शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य छत्तीसगढ़ और 100 से कम शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य झारखंड घोषित किया गया। केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ महोत्सव’ नाम के इस कार्यक्रम में कुल 129 शहरों को पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे। दुनिया के इस सबसे बड़े स्वच्छता सर्वेक्षण में 4242 शहरों, 62 छावनी बोर्डों और 92 गंगा के समीप बसे कस्बों की रैंकिंग जारी की जायेगी। इन क्षेत्रों में करीब 1 करोड़ 90 लाख आबादी रहती है। सर्वेक्षण के पहले संस्करण में भारत में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मैसुरू ने हासिल किया था, जबकि इसके बाद इंदौर लगातार तीन साल तक (2017,2018,2019) शीर्ष स्थान पर रहा। करीब एक महीने चले इस सवेर्क्षण के दौरान एक करोड़ 70 लाख नागरिकों ने स्वच्छता ऐप पर पंजीकरण किया है। सोशल मीडिया पर 11 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़े। साढे पांच लाख से अधिक सफाई कर्मचारी सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़े और ऐसे 21 हजार स्थानों की पहचान की गई, जहां कचरा पाये जाने की ज्यादा संभावना है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ साथ  विभिन्न शहरों के मेयर , निगम आयुक्त और अन्य पक्षधारक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

गाजियाबाद को यूपी में तीसरा और देश में 19वां स्थान-केंद्र सरकार द्वारा साफ-सफाई को लेकर किए गए राष्ट्रीय स्तर के ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ एनसीआर के शहर गाजियाबाद को उत्तर प्रदेश में तीसरे नंबर पर और पूरे देश में 19वें नंबर पर रखा गया है। गाजियाबाद शहर की इस उपलब्धि से जिले के लोगों में भारी खुशी है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम घोषित करते हुए कहा कि देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और स्वच्छ भारत अभियान का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है।

बिहार का पटना शहर सबसे गंदा शहर-मई में घोषित की गई कचरा मुक्त शहरों के आकलन में इंदौर, सूरत और नवी मुंबई को पांच सितारा रेटिंग दी गई थी। बिहार की राजधानी पटना शहर स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में सबसे निचले स्थान पर है। इससे ऊपर पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र और चेन्नई हैं। परिणाम घोषित करने के इस कार्यक्रम ‘स्वच्छ महोत्सव’ में कुल 129 शहरों को पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशभर के शहरों में साफ-सफाई से संबंधित ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ के परिणामों की घोषणा करनी थी, लेकिन वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।

मोदी के मंत्री ने मुंगेर की दो महिलाओं से की बात-राष्ट्रीय स्वच्छता महोत्सव 2020 को लेकर गुरुवार को वर्चुअल जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करने वाले थे लेकिन उनकी जगह शहरी विकास मंत्रालय के मंत्री हरदीप पुरी ने लोगों से संवाद किया।  इस जनसंवाद कार्यक्रम में सामुदायिक शौचालय की कैटेगरी में बिहार से केवल मुंगेर नगर निगम का चयन किया गया था। मुंगेर नगर निगम क्षेत्र से 2 महिलाओं से नगर विकास मंत्री ने संवाद किया। मुंगेर की कामिनी और अनुपमा से मंत्री ने बात की और उनसे घर में शौचालय रहने के फायदे और जब शौचालय नहीं था परेशानियों को लेकर बात की। नगर निगम क्षेत्र से आने वाली अनुपमा और कामिनी ने मंत्री से अपने अनुभव शेयर किये।

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