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‘‘भारत के संविधान के तहत शासन’’ विषय पर श्रीराम कॉलेज ऑफ लॉ में हुई सेमिनार

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मुजफ्फरनगर। 70वें संविधान दिवस के अवसर पर श्रीराम कॉलेज ऑफ लॉ व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय ‘‘भारत के संविधान के तहत शासन’’ रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे नसीर हैदर काजमी, अध्यक्ष, जिला बार संघ तथा विशिष्ट अतिथिगण प्रदीप मलिक, महासचिव, जिला बार संघ एवं मुख्य वक्ता के रूप में मुकीम अहमद (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ) सम्मिलित हुए। इसके अतिरिक्त श्री राम कॉलेज के निदेशक डा0 आदित्य गौतम तथा शिक्षा संकाय की डीन डा0 प्रेरणा मित्तल भी उपस्थित रही।
कार्यक्रम का प्रारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया। सभी अतिथियों का श्रीराम कॉलेज के सभागार में गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।
सर्वप्रथम 2019 में न्यायिक सेवा में चयनित सिविल जज रजनीश कुमार (श्रीराम कालेज ऑफ लॉ के पूर्व छात्र), अभिषेक चौहान, अंकित रस्तोगी, गगनदीप, चारू कैन, फरहा नाज को सम्मानित किया गया।
नसीर हैदर काजमी, अध्यक्ष, जिला बार संघ ने कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए कहा कि भारतीय संविधान अपने मे विशेष अधिकार समाहित किये हुए है और एकता व अखंडता बनाये रखने में पूरी तरह सक्षम है।
प्रदीप मलिक, महासचिव, जिला बार संघ ने कहा कि संविधान दिवस को यदि राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाया जाये तो निश्चय ही आम जनमानस जागरूक होगा। मुख्य वक्ता मुकीम अहमद (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ने की-नोट स्पीकर के रूप में बोलते हुए कहा कि भारतीय संविधान देश की अमूल्य धरोहर है। इसे संरक्षित करने का प्रयास हर एक भारतीय को करना चाहिए। प्रत्येक भारतीय को देश के स्वतन्त्रा सेनानियो, भारत की राष्ट्रीय धरोहरो, भारत के राष्ट्र ध्वज एवं राष्ट्रगान का आदर करना चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ता महफूज खान राठौड ने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माताओं ने संसार के अनेक संविधानों से अनुभव लेकर भारत के लिए एक अद्वितीय संविधान का निर्माण किया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओमकार तोमर ने कहा कि भारत देश को महान बनाने के लिए संविधान का पालन और उसके अनुसार आचरण किया जाना अति आवश्यक है।
अधिवक्ता मनु मलिक ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय को मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिए।
सेमिनार में प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं में छात्र अंकित कुमार ने भारतीय संविधान के इतिहास से अवगत कराया। छात्रा दिव्या संगल ने संविधान क्या है तथा इसके विकास की प्रक्रिया को विस्तार से बताया। छात्रा शबनूर ने कहा कि संविधान में वर्णित अधिकार तथा कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू है। अधिकारो से पहले कर्तव्यों का पालन आवश्यक है। छात्रा शबाना ने महिलाओं के अधिकार तथा शोषण पर विचार व्यक्त किये। छात्रा शाजिया ने एकान्तता के अधिकार के बढ़ते आयामो तथा गौरव ने जीवन के अधिकार में पर्यावरण की आवश्यकता पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा0 रविन्द्र प्रताप सिंह ने आये हुए समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता प्रशान्त चौहान ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विभागाध्यक्षा पूनम शर्मा एव सभी प्रवक्ताओं संजीव तोमर, सोनिया गौड, आंचल अग्रवाल, सबिया खान, छवि गुप्ता, रीतू धीमान, राखी ढ़िलोर एवं निपुण जैन अधिवक्ता का सहयोग रहा।

 

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