Press "Enter" to skip to content

श्रीराम काॅलेज मे ’इंजीनियर डे“ पर हुआ औधोगिकी व ऑटोमेशन विषय पर सेमीनार का आयोजन

मुजफ्परनगर। श्रीराम काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग में ’’इंजीनियर डे“ के उपलक्ष्य मे औधोगिकी व ऑटोमेशन विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में प्रतिष्ठित कंपनी एप्ट्राॅन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा से आए मुकेश, तकनीकी विशेषज्ञ और उत्कर्ष, माॅर्केटिंग मैनेजर औधोगिकी व ऑटोमेशन विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों द्वारा गठित हैश सोसाइटी द्वारा नेशनल इंजिनियर्स डे के कार्यक्रम में बढचढ कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को औधोगिकी व ऑटोमेशन की उपयोगिता तथा प्रयोगों को समझाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्यार्थियों को सीमेन्स, हनीवैल आदि कम्पनियों की मूल नीतियों से अवगत कराया और इन कम्पनियों का हिस्सा बनने के लिये औधोगिकी और ऑटोमेशन की भूमिका एवं प्रयोगो के बारे मे बताया।
तकनीकी विशेषज्ञों के साथ छात्रों का अधिवेशन काफी रोचक रहा। छात्रों के द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्साहपूर्वक जवाब देते हुए तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा उन्हे हमेशा आगे सफल होने के लिये मार्गदर्शित भी किया गया।
इस अवसर पर चैयरमैन श्रीराम ग्रुप ऑफ काॅलेजेज,डा0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ नेे कहा कि भारत में प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है जो भारत के अब तक के सबसे महान इंजीनियरों में से एक सर एमवी मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म दिवस है। वह एक महान इंजीनियर थे इसलिए उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके जन्मदिन को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। इंजीनियर किसी भी राष्ट्र को समृद्ध और विकसित बनाने में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि भविष्य के इंजीनियर कल की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने के लिए अपने संचार कौशल, समस्या को हल करने की योग्यता और नई चीजों को सीखने की इच्छा पर ध्यान केंद्रित करें।

श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. डी के पी सिंह ने कहा कि इंजीनियर्स डे उन लोगों को समर्पित है जिनके बिना हम कुछ भी करने में सक्षम नहीं होते। एक ऐसा दिन जो उन्हें समर्पित है जिनके बिना कोई भी व्यक्ति उड़ान भरने में सक्षम नहीं होता, अपना घर बनाने में सक्षम नहीं होता, टीवी देखने में सक्षम नहीं होता, कोई भी लंबी दूरी से संवाद करने में सक्षम नहीं होता। इसलिए मोबाइल फोन से लेकर हवाई जहाज, टेलीविजन से लेकर सैटेलाइट तक सब कुछ इंजीनियरों की वजह से संभव है।
कॉलेज के निदेशक डॉ0 आदित्य गौतम ने कहा कि इंजीनियरिंग हमारे समाज को आकार देने वाले प्रमुख प्रभावों में से एक है। इंजीनियर केवल मशीनों, डिजाइनों और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ काम नहीं करते हैं, वे नवाचार और आविष्कार प्रदान करने के लिए गणित और विज्ञान का उपयोग करते हैं जो हमारे समाज को आकार देते हैं और हमारे जीने और काम करने के तरीके में सुधार करते हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय मे डिबेट, निबंध-लेखन, एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता मे सभी छात्र-छात्राओं ने प्रशंसनीय प्रदर्शन किया।
डिबेट प्रतियोगिता में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष की आकांक्षा ने प्रथम, तृतीय वर्ष के वरुण कुलश्रेष्ठ ने द्वितीय एवं ऋतिक भारद्वाज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष से आर्य धीमान ने प्रथम, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तृतीय वर्ष की सिमरन ने द्वितीय एवं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के तृतीय वर्ष के शाकिब सिद्दीकी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार पोस्टर मेकिंग में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के तृतीय वर्ष के सुशील ने प्रथम, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष से मोनिका ने द्वितीय एवं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के तृतीय वर्ष की वंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जिन्हें श्री राम इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. डी के पी सिंह एवं श्री राम कॉलेज के निदेशक डॉ. आदित्य गौतम द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम के अंत में कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष पवन कुमार गोयल द्वारा कार्यक्रम की सफलता के लिए हैश सोसाइटी के सभी छात्र सदस्यों की प्रशंसा व्यक्त करते हुए एवं सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में हैश सोसाइटी के छात्र सदस्य प्रखर कुलश्रेष्ठ, काजल, हार्दिक सैनी , रोहन बंसल, अजीम, आरजू, शुभी, जियाउल, विक्रांत, वरुण, सपना, समन्वय, आकांक्षा, आँचल, शाहबाज आदि का विशेष योगदान रहा ।
कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष पवन कुमार गोयल, विभागाध्यक्ष  मैकेनिकल इंजीनियरिंग डॉ आलोक गुप्ता, विभागाध्यक्ष एप्लाइड साइंस डॉ. मोहित शर्मा, विभागध्यक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन साक्षी श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग रोहिताश सिंह, विभागाध्यक्ष सिविल इंजीनियरिंग अर्जुन सिंह उपस्थित रहे एवं देवेश मालिक, डॉ. आकांक्षा चैहान, शीनम सप्रा, प्रियं त्यागी, रूचि राय, अनुज कुमार, अंकुर रोहिला, आदित्य सैनी आदि प्रवक्तागणो ने सहयोग किया।

More from शहरनामाMore posts in शहरनामा »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.