Press "Enter" to skip to content

कौशल विकास मंत्री ने युवा अधिकारियों के लिए बुनियादी पाठ्यक्रम की शुरुआत की

मैसूर: केंद्र सरकार की नवीनतम सेवा इंडियन स्किल डेवलपमेंट सर्विसेज यानी आईएसडीएस के पहले बैच ने सोमवार को मैसूर स्थित प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई) में अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। यह सेवा विशेष रूप से कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण निदेशालय के लिए बनाई गई है। यह ग्रुप ‘ए’ सेवा है। आईएसडीएस कैडर में शामिल हो रहा पहला बैच यूपीएससी द्वारा आयोजित भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा के जरिये आया है।

देश में कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए आईएसडीएस अधिकारियों के रूप में युवा प्रतिभाओं को शामिल करना कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय यानी एमएसडीई और सरकार द्वारा समग्र रूप से की गई विशेष पहलों में से एक है। यह एमएसडीई में शामिल होने वाले भारतीय इंजीनियरिंग सेवाओं के युवाओं का पहला बैच है। इसका उद्देश्य देश में कौशल विकास के माहौल को संस्थागत बनाने की दिशा में युवा और प्रतिभाशाली प्रशासकों को आकर्षित करना है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने नई सेवा के लिए बधाई दी और कहा, ‘यह सेवा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से सरकार की कौशल पहल को नई गति देगी। आने वाले वर्षों में यह मंत्रालय प्रशिक्षित कौशल प्रशासकों का एक कार्यबल बनाने में सक्षम होगा, जो हमें स्किल इंडिया मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाएंगे।’

उन्होंने कहा, ‘भारतीयों को कुशल बनाने की बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए प्रशासनिक प्रशिक्षण सर्वश्रेष्ठ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कौशल विकास को इस उम्मीद के साथ प्राथमिकता दी गई है कि यह न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानव संसाधन की आपूर्ति करेगा। कौशल विकास के अत्यधिक विशिष्ट कार्य के लिए प्रबंधन के लिए आईएसडीएस सेवाएं कौशल, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन एवं सार्वजनिक सेवा का एक अनूठा संयोजन हैं।’

इंडियन स्किल डेवलपमेंट सर्विसेज (आईएसडीएस) के लिए पूरे देश में 263 पद हैं। इस कैडर में वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड में 3 पद, जूनियर प्रशासनिक ग्रेड में 28 पद, सीनियर टाइम स्केल में 120 पद और जूनियर टाइम स्केल पर 112 पद हैं।

डीजीटी के महानिदेशक श्री राजेश अग्रवाल ने यह कहते हुए सेवा में शामिल हो रहे नए अधिकारियों का उत्साह बढ़ाया कि ‘आईएसडीएस अधिकारियों के सबसे युवा बैच का स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। हमें आशा है कि अपने हुनर और नए विचारों से वे कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देने के लिए कई रचनात्मक बदलाव लाएंगे।’

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत, विशेष रूप से कौशल प्रबंधन एवं प्रशासन और सरकारी प्रणाली के कामकाज को लेकर एक पूर्ण विवरण दिया जाएगा। इसके बाद बुनियादी पाठ्यक्रम होगा और फिर अधिकारियों को कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को चलाने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल से समृद्ध करने की खातिर आगे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

More from खबरMore posts in खबर »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.