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लोकसभा में पारित हुआ एसपीजी संशोधन विधेयक

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नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और वायनाड से सांसद राहुल गांधी को दी गई विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) हटाए जाने को लेकर सियासी घमासान के बीच आज इस बिल को लोकसभा में पेश किया गया। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसपीजी सुरक्षा अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया। इसके तहत अब एसपीजी सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके साथ उनके आवास में रहने वालों के लिए ही होगी। गर्मागर्म बहस के बाद बिल पास कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया।

चर्चा के बाद अपने जवाब में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विशेष सुरक्षा समूह कानून में संशोधन को आवश्यक करार देते कहा कि एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक लाने का मकसद एसपीजी और प्रभावी बनाना और कानून के मूल उद्देश्य को बहाल करना है। विशेष सुरक्षा समूह एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिये रखते हुए शाह ने कहा कि एसपीजी का गठन प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए किया गया था और दुनिया के कई देशों में उनके शासनाध्यक्षों की सुरक्षा के मकसद से ऐसे ही विशिष्ट सुरक्षा इकाई बनाई गई हैं। गृह मंत्री ने कहा कि इस विधेयक को लाने का मकसद एसपीजी को और प्रभावी बनाना है और यह देखना है कि उसके काम में किसी भी तरह की कोई कोताही न हो। उन्होंने कहा कि इसका मकसद कानून के मूल उद्देश्य को बहाल करना है। अतीत में सरकारों ने कई बार कानून में संशोधन किया। अत: कानून में संशोधन की जरूरत समझी गई जिसमें मुख्य आदेश पर ध्यान केंद्रित किया जा सके क्योंकि प्रधान के रूप में प्रधानमंत्री की सुरक्षा, सरकार, शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च महत्व की है। कार्यरत प्रधानमंत्री के लिये अत्यंत जरूरी महत्वपूर्ण सुरक्षा को मान्यता देते हुए विशेष सुरक्षा समूह के गठन के लिये अधिनियम बनाया गया था जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री और उनके कुटुंब के सदस्यों को निकट सुरक्षा प्रदान करना है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और वायनाड सांसद राहुल गांधी को दी गई विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के हटाए जाने को लेकर कांग्रेस की तरफ काफी बवाल किया गया था। वहीं, बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसपीजी सुरक्षा अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया। इसके तहत अब एसपीजी सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके साथ उनके आवास में रहने वालों के लिए ही होगी।

कांग्रेस ने किया विरोध

लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, एसपीजी सुरक्षा पाने वालों को जून में कहा गया था कि उनपर खतरा बढ़ गया है। मेरा सवाल है कि जून से नवंबर के बीच ऐसा क्या हो गया कि बिना कानून में संशोधन किए एसपीजी सुरक्षा हटा दी गई। इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि इस तरह की एक तस्वीर बनाने की कोशिश हो रही है कि सरकार गांधी परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं है और इसीलिए एसपीजी सुरक्षा हटा ली गई है। उनकी सुरक्षा हटाई नहीं गई है बल्कि खतरे का आकलन करते हुए बदल दी गई है।  उन्होंने कहा, मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि इससे पहले एक परिवार की सुरक्षा को लेकर बदलाव किए जाते रहे थे। लेकिन यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए कानून में बदलाव किया गया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों का हम समर्थन करते हैं। लेकिन आपके गृह मंत्री के भाषण से साफ है कि राजनीतिक बदला लिया जा रहा है। आप ऐसे परिवार को निशाना बना रहे हैं जिसने देश के लिए दो जानें दी हैं। गौरतलब है कि जब केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया था कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, वायनाड सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से उनकी एसपीजी सुरक्षा वापस ली जाएगी तभी से इसे लेकर खूब हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार इनके जीवन से समझौता कर रही है।

कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद कम हुई आतंकवादी घटनाएं

जम्मू-कश्मीर मामले पर लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस सांसद एस कोडिकुन्निल का जवाब देत हुए कहा है कि सुरक्षा बल और पुलिस बेहतर काम कर रहे हैं और उचित कार्रवाई कर रहे हैं। धारा 370 हटाने के बाद आतंकवादी घटनाएं कश्मीर में शून्य के करीब हैं। जम्मू कश्मीर में तेजी से हालात सामान्य होते जा रहे हैं। राजनाथ सिंह के इस बयान पर विपक्षी सांसदों ने हंगामा करना प्रारंभ कर दिया। लोकसभा में कश्मीर का मुद्दा उठा है। सरकार द्वारा यह कहने पर कि कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं। मंत्री ने कहा कि यह सच है कि जम्मू-कश्मीर पिछले 30-35 सालों से आतंकवाद का सामना कर रहा है, लेकिन इस तरह की घटनाओं में ‘कमी आई है’ और संख्या अब ‘पूर्ववर्ती राज्य की विशेष दर्जे के खत्म होने के बाद लगभग शून्य है। केंद्र ने पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जा रद्द कर दिया। सिंह ने कहा कि क्षेत्र में आतंकवाद से निपटने के लिए सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और ‘कश्मीर में सामान्य स्थिति तेजी से लौट रही है।

बालाकोट में फिर से सक्रिय हो रहे आतंकवादी

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जीके रेड्डी ने राज्यसभा में बताया कि इनपुट्स के माध्यम से ऐसे संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी बालाकोट में फिर से सक्रिय होने के लिए हरसंभव कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बालाकोट में वे भारत के खिलाफ अपने जिहादी अभियानों को शुरू करने में जुटे हुए हैं। लेकिन भारत सरकार सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आतंकवादियों को नेस्तनाबूत करने के लिए जो कदम जरूरी होगा। सरकार उसे जरूर उठाएगी।

जम्मू-कश्मीर पर राज्यमंत्री का बयान

गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी से जब यह पूछा गया कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा कश्मीरी पंडितों और अन्य समुदायों के पुनर्वास की दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीर द्वारा प्रवासियों के राहत और पुनर्वास के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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