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सुप्रीम कोर्ट, सड़क से संसद तक पहुंचा महाराष्ट्र की सियासत का नाटक,प्रदर्शन करते दो सांसदों को मार्शलों ने सदन से बाहर निकाला

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में महाभारत का असर सोमवार को संसद के दोनों सदनों में देखने को मिला। दोनों सदनों में फडणवीस सरकार के गठन को लेकर भारी हंगामा हुआ और राज्यपाल के आदेशों के खिलाफ चर्चा कराने की मांग को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में दोनों सदनों में विपक्षी ने जमकर हंगामा किया, जिसके कारण संसद की कार्यवाही ठप नजर आई। हालांकि इसी हंगामे में लोकसभा में एसपीजी अधिनियम संशोधन समेत तीन विधेयकों को भी सदन के पटल पर रखते हुए पेश कर दिया गया।

लोकसभा में सोमवार को महाराष्ट्र मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे और पार्टी के दो सदस्यों हिबी इडेन एवं टी एन प्रतापन तथा मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की के कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे पुन: आरंभ होने के साथ ही पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने सभा की बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सोमवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होते ही कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते और पोस्टर लिए हुए आसन के निकट पहुंच गए। इडेन और प्रतापन ने बड़ा पोस्टर ले रखा था जिस पर ‘स्टॉप मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी लिखा था।

एसपीजी अधिनियम सांशोधन विधेयक पेश

लोकसभा में महाराष्ट्र मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच सोमवार को दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई कार्यवाही के दौरान भी महाराष्ट्र के मुद्दे पर हंगामा रहा और इसी बीच सरकार ने विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) अधिनियम में संशोधन विधेयक पेश किया गया। इसमें किसी पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार को एसपीजी की सुरक्षा के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव किया गया है। कैबिनेट पहले ही एसपीजी कानून में संशोधन विधेयक को हरी झंडी दे चुकी है। इसके अलावा लोकसभा में कराधान विधि (संशोधन) विधेयक और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण विधेयक को भी हंगामे के बीच पेश कर दिया गया।

राहुल गांधी ने सवाल पूछने से किया इंकार

लोकसभा में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों के नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया और अनुसूचित जाति के लड़के-लड़कियों के छात्रावास विषय पर पूरक प्रश्न पूछने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम पुकारा। इस सत्र में पहली बार सदन में पहुंचे गांधी ने सवाल पूछने से इनकार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है, ऐसे में मेरे सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। इसी बीच स्पीकर बिरला ने बड़ा पोस्टर लहरा रहे इडेन और प्रतापन को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। सदस्यों के नहीं मानने पर स्पीकर ने मार्शलों को दोनों कांग्रेस सदस्यों को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शल इन दोनों सदस्यों को सदन से बाहर ले जाने के लिए पहुंचे तो उनके साथ इडेन, प्रतापन और अन्य कांग्रेस सदस्यों ने धक्कामुक्की होने का आरोप लगाया। इस दौरान भाजपा के कई सदस्य और कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश बीच-बचाव करते हुए नजर आए। इस बीच स्पीकर ने मार्शलों को लौटने के लिए कहा। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। शीतकालीन सत्र में पहली बार प्रश्नकाल में सदन की बैठक स्थगित हुई है। इससे पहले 18 नवंबर को शुरू हुए मौजूदा सत्र के पहले दो दिन विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल पूरा चला। बाकी तीन दिन भी प्रश्नकाल शांति से चला।

गांधी प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन

सोमवार को सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कांग्रेस सांसदों ने महाराष्ट्र के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।  हाथों में बैनर लिए कांग्रेस नेताओं ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो ‘प्रधानमंत्री होश में आओ और ‘वी वांट जस्टिस के नारे लगाए। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम में राज्यपाल ने शनिवार की सुबह भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा नेता अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी। इसके बाद से शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा ने अपने-अपने विधायकों को मुंबई के अलग-अलग होटलों में ठहराया है। फडणवीस और अजित पवार के शपथग्रहण के बाद इन तीनों दलों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है जिस पर शीर्ष अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी।

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