Press "Enter" to skip to content

उत्तर प्रदेश में दस विधायक भी लोकसभा चुनाव के मैदान में आजमा रहे हैं अपनी किस्मत

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के कई विधायक भी सांसद बनने के लिये इस बार लोकसभा चुनाव के मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। इस वक्त उप्र सरकार के तीन मंत्री और विभिन्न दलों के सात विधायक चुनाव लड़ रहे हैं।
इन विधायक दावेदारों की किस्मत अगर खुली और संसद पहुंच गये तो लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव का सिलसिला शुरू होगा। मंत्रियों के चुनाव जीतने पर मंत्रिमंडल में भी फेरबदल होगा। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भाई और अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव जसवंत नगर से कई बार विधायक रहे हैं। वह 2017 में भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर जसवंत नगर से जीते थे। पिछले साल शिवपाल ने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली और वह फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर उनके भतीजे और सपा महासचिव रामगोपाल यादव के पुत्र वर्तमान सांसद अक्षय यादव से उनका मुकाबला है। शिवपाल अगर चुनाव जीतते हैं तो जसवंत नगर में उपचुनाव होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा सीट वापस पाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपने विधायक प्रदीप चौधरी पर भरोसा जताया है। पार्टी ने गंगोह विधानसभा सीट से विधायक प्रदीप चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। यहां उनका मुकाबला गठबंधन प्रत्याशी और वर्तमान सांसद तबस्सुम हसन से है। भाजपा ने बांदा ससंदीय सीट से मौजूदा सांसद भैरा प्रसाद मिश्र का टिकट काट कर माणिकपुर विधानसभा सीट से अपने विधायक आरके सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है। पटेल माणिकपुर से विधायक हैं। आरके सिंह पटेल 2009 में सपा से सांसद रह चुके हैं। भाजपा ने हाथरस से वर्तमान सांसद का टिकट काट कर इगलास के विधायक राजवीर सिंह दिलेर को प्रत्याशी बनाया है। राजवीर सिंह दिलेर पिछले विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गये थे। समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता और रामपुर विधानसभा सीट से कई बार के विधायक आजम खां को रामपुर लोकसभा सीट से उतारा है। तो उधर भाजपा ने बाराबंकी से अपनी वर्तमान सांसद प्रियंका रावत का टिकट काट कर जैदपुर के विधायक उपेंद्र रावत को प्रत्याशी बनाया है। खास बात यह कि उपेंद्र रावत 2017 में पहली बार विधायक बने थे। भाजपा ने बल्हा सीट से विधायक अक्षयवरलाल गौड़ को बहराइच से प्रत्याशी बनाया है। यहां से पिछली बार भाजपा की टिकट पर सावित्री बाई फुले चुनाव जीती थीं, लेकिन इस बार वह कांग्रेस की प्रत्याशी हैं। टूंडला के विधायक प्रो. एसपी सिंह बघेल प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा ने उन्हें आगरा सु. सीट से उतारा है। लखनऊ कैंट सीट की विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को भाजपा ने इलाहाबाद सीट से लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारा है। वह लखनऊ कैंट से 2012 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीती थीं, लेकिन फिर भाजपा में शामिल हो गईं और पिछले विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मंत्री बनाई गईं। कानपुर की गोविंदनगर विधानसभा सीट से विधायक सत्यदेव पचौरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और भाजपा के टिकट पर कानपुर सीट से लोकसभा जाने के लिए पर तौल रहे हैं। वह पहले भी पार्टी के टिकट पर कानपुर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हार गए थे।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.
More from UncategorizedMore posts in Uncategorized »

Be First to Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Mission News Theme by Compete Themes.