Press "Enter" to skip to content

आतंकी फंडिंग केस: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की कश्मीरी कारोबारी वटाली की जमानत

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आतंकी गतिविधियों के लिये धन मुहैया कराने के एक मामले में कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वटाली की जमानत मंगलवार को रद्द कर दी। न्यायालय ने कहा कि एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के हुर्रियत नेताओं और आतंकी संगठनों के बीच के रिश्तों और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर उनकी गतिविधियों को दिखाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए वटाली को जमानत दी थी। वह पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईद से जुड़े एक आतंकी गतिविधियों के लिये धन मुहैया कराने के मामले में आरोपी है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हुर्रियत नेताओं और आतंकी संगठनों के बीच के रिश्तों और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर उनकी निरंतर गतिविधियों को दिखाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी संगठनों पर सरकार की ओर से की गई हालिया कार्रवाई के मद्देनजर यह फैसला काफी अहम है। वटाली को जमानत देने के उच्च न्यायालय के 13 सितंबर 2018 के आदेश के खिलाफ एनआईए की ओर से दाखिल एक अपील पर शीर्ष अदालत ने यह फैसला सुनाया है। वटाली की जमानत रद्द करते हुए पीठ ने कहा कि वटाली की जमानत याचिका पर विचार करते वक्त एनआईए की ओर से रिकॉर्ड पर लाए गए सभी साक्ष्यों एवं सामग्री को खारिज कर उच्च न्यायालय ने अनुचित रवैया अपनाया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय को पूरी सामग्री को रिकॉर्ड पर लेना चाहिए था और इसके आधार पर अपनी राय बनानी चाहिए थी।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Be First to Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Mission News Theme by Compete Themes.