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शहद में चीनी मिलाने वाले बड़े ब्रांडों की अब खैर नहीं!केंद्र सरकार मिलावट खोरों के खिलाफ एक्शन मोड़ पर आई

नई दिल्ली। देश में लगातार शहद में मिलावट की खबरें सामने आने के बाद केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (फस्साई) को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सीसीपीएम के निर्देश के बाद देश की ब्रांडेड कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने देते हुए बताया कि शहद में मिलावट की खबरों पर चिंता व्यक्त की है। सीसीपीए ने ये आदेश उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के बयान के बाद दिया है। बताया गया है कि पिछले हफ्ते पर्यावरण संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली एक संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने दावा किया था कि भारत में बेचे जा रहे कई ब्रांडेड शहद में चीनी की मिलावट पायी गयी है। हालांकि कंपनियों ने इन दावों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि विभाग को खबर मिली है कि बाजार में बेचे जा रहे अधिकतर ब्रांडेड शहद में चीनी की मिलावट है। यह गंभीर मसला है और कोविड 19 महामारी के दौर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकता हैद्ध यह कोविड 19 को लेकर जोखिम को बढ़ाने वाला है। सीसीपीए ने मामले में एफएसएसएआई को उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है। सीएसई ने 13 शीर्ष ब्रांड के साथ साथ कई छोटे ब्रांड के प्रसंस्कृत और कच्चे शहद में शुद्धता की जांच की। सीएसई ने पाया कि 77 प्रतिशत नमूनों में चीनी की मिलावट पायी गयी। परीक्षण किए गए 22 नमूनों में से मात्र पांच ही सभी तरह के परीक्षणों में खरे उतरे। हालांकि, कंपनियों ने इन दावों को खारिज कर दिया. कंपनियों ने दावा किया है कि हम भारत में ही प्राकृतिक तौर पर मिलने वाला शहद इकट्ठा करते हैं और उसी को बेचते हैं।

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