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किसानों ने फिर ठुकराया वार्ता का प्रस्ताव, बोले- हमें हलके में न ले सरकार

नई दिल्ली। किसानों ने केंद्र सरकार से वार्ता का प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया। किसानों ने कहा कि सरकार उनके मुद्दों को हलके में न ले। उन्होंने कहा कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं, बशर्ते सरकार बार-बार संशोधन का प्रस्ताव भेजने की बजाए नेक इरादे के साथ ठोस प्रस्ताव भेजे।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव की ओर से तीन दिन पहले भेजे गए पत्र और बातचीत के प्रस्ताव पर किसानों ने की बुधवार को हुई साझा बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता युद्धवीर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों का मनोबल तोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे मुद्दों को हल्के में ले रही है लेकिन हम चेतावनी देते हैं कि आग से न खेलें वरना बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव मिलेगा तो उस पर विचार किया जाएगा। सिंघू बार्डर पर हुई नियमित प्रेस कांफ्रेंस में स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा कि हम वार्ता के लिए तैयार हैं। बशर्ते कि सरकार खुले मन और नेक इरादे के साथ चर्चा प्रक्रिया को आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, जिनका हमारे आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह किसान आंदोलन को तोड़ने का हथकंडा है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि उन निरर्थक संशोधनों को बार-बार न दोहराए, जिन्हें हमने पहले ही अस्वीकार कर दिया है। इसकी बजाए लिखित में एक ठोस प्रस्ताव लेकर आए ताकि एजेंडा बनाया जा सके और बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जा सके। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि बातचीत के लिए सार्थक माहौल बनाने का दायित्व सरकार का है। सुप्रीमकोर्ट ने भी कृषि कानूनों को होल्ड करने को कहा है। ऐसे में बातचीत का सही माहौल बन सकता है।

20 राज्यों के किसानों ने किया कृषि कानूनों का समर्थन

इस बीच ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दावा किया कि देश के 20 राज्यों के किसानों ने नए कृषि सुधार कानूनों का समर्थन किया है। कन्फेडरेशन ऑफ एनजीओज ऑफ रूरल इंडिया (सीएनआरआई) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद बुधवार को मीडिया से बातचीत में तोमर ने बताया कि सीएनआरआई ने उन्हें कृषि सुधार कानूनों के समर्थन में 3,13,363 किसानों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा है। सीएनआरआई के दावे के मुताबिक पत्र पर हरियाणा में 127653, पंजाब में 12895, मध्य प्रदेश में 1934, आंध्र प्रदेश में 23689, असम में 1256, कर्नाटक में 5467 और राजस्थान में 7162 किसानों ने हस्ताक्षर किए हैं। सीएनआरआई के महासचिव विनोद आनंद और कार्यकारी अध्यक्ष रघुपति सिंह ने बताया कि देश के ढाई लाख सरपंचों को इन कृषि सुधार कानूनों को लेकर जागरूक करने को पत्र लिखा जा रहा है।

कल 9 करोड़ किसानों के खाते में 18000 करोड़ भेजेगी सरकार

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को केंद्र सरकार सुशासन दिवस के तौर पर पूरे देश में मनाती है। इस बार सुशासन दिवस पर पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 9 करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में 18 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके पहले तोमर ने किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए ट्वीट किया- सभी देशवासियों को किसान दिवस की शुभकामनाएं। मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को जयंती पर सलाम।

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