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किसानों की चेतावनी पर गंभीर और सतर्क हुई सरकार,दिल्ली को सुरक्षा के घेरे में लेने की तैयारियों में जुटी सुरक्षा एजेंसी

नई दिल्ली। किसान संगठनों की ओर से दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड निकालने का एलान करने के बाद से दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। दिल्ली की किलेबंदी का प्लान तैयार किया जा रहा है। अगर किसान आंदोलन जनवरी के दूसरे सप्ताह में खत्म नहीं होता है तो दिल्ली पुलिस को मौजूदा बटालियनों के अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की डेढ़ दर्जन से ज्यादा अतिरिक्त बटालियन तैनात करनी होंगी। इसके अलावा 35 से 40 हैवी ड्यूटी क्रेन और 250 हल्की क्रेन बुलानी पड़ेंगी। वजह, दिल्ली में प्रवेश के आठ-नौ मुख्य मार्गों के अलावा लगभग 127 ऐसे एंट्री प्वाइंट हैं, जहां से राष्ट्रीय राजधानी में बिना किसी दिक्कत के प्रवेश किया जा सकता है। इनमें से ज्यादातर प्वाइंट ऐसे हैं, जहां ट्रैक्टर जैसे वाहन निकल सकते हैं। हालांकि कुछ मार्गों पर ट्राली फंसने की गुंजाइश बनी रहेगी। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली और उसके आसपास हाई अलर्ट रहता है। तीसरे सप्ताह में गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल भी शुरू होगी। सुरक्षा एजेंसियां इस बात को लेकर बेहद सतर्क हैं कि कोई आतंकी संगठन, किसान आंदोलन की आड़ में अपनी किसी हरकत को अंजाम न दे दे। गौरतलब है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, इस बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। भारत के स्वतंत्र होने के बाद जॉनसन ब्रिटेन के दूसरे प्रधानमंत्री हैं जो मुख्य अतिथि के तौर पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए दिल्ली आएंगे। इस वजह से केंद्र सरकार, ट्रैक्टर परेड को लेकर सतर्क हो गई है। किसान नेता योगेंद्र यादव पहले ही एलान कर चुके हैं कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली जाएगी। इस परेड के लिए आसपास के राज्यों से कई हजार ट्रैक्टर दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, पुलिस और दूसरी एजेंसियों ने अपना काम शुरू कर दिया है। दिल्ली यातायात पुलिस से डाटा जुटाया जा रहा है। दिल्ली में प्रवेश करने के मुख्य मार्ग जैसे कुंडली बॉर्डर (राष्ट्रीय राजमार्ग-1), टिकरी बॉर्डर (राष्ट्रीय राजमार्ग 10), रजोकड़ी बॉर्डर (राष्ट्रीय राजमार्ग 8), बदरपुर बॉर्डर (राष्ट्रीय राजमार्ग 2), गाजीपुर बॉर्डर (राष्ट्रीय राजमार्ग 24), शाहदरा बॉर्डर (राष्ट्रीय राजमार्ग 19) और चिल्ला बॉर्डर, जो दिल्ली को नोएडा के जरिए यूपी से जोड़ता है, आदि शामिल हैं। साथ ही दिल्ली को गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, नरेला, गाजियाबाद, नोएडा, झज्जर और बहादुरगढ़ से जोड़ने वाले अतिरिक्त मार्ग भी मुख्य सूची में जोड़े गए हैं। तीसरे सप्ताह में राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल शुरू हो रही है। इसमें सेना से लेकर विभिन्न केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और एनसीसी कैडेट भाग लेते हैं। साथ ही, सैन्य सामग्री का भी प्रदर्शन किया जाता है। उस समय तक अगर किसान आंदोलन चलता है तो सुरक्षा बलों को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ेगा। वजह, दिल्ली के चारों तरफ बैठे किसानों की आड़ लेकर कोई भी असामाजिक तत्व दिल्ली में प्रवेश कर सकता है। इसी के चलते दिल्ली की किलेबंदी का प्लान तैयार किया जा रहा है। दिल्ली में प्रवेश करने के छोटे-बड़े सभी मार्गों पर पुलिस और आंतरिक खुफिया एजेंसी के कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। हालांकि दिल्ली के अधिकांश एंट्री प्वाइंट और मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं, लेकिन अब उन छोटे मार्गों की सूची तैयार हो रही है, जहां कैमरे नहीं लगे हैं या खराब हैं। दिल्ली के किसी भी हिस्से को बिना कैमरे के नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सभी बॉर्डर इलाकों में ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गणतंत्र दिवस से दो सप्ताह पहले दिल्ली को किले के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा।

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