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लोकसभा और राज्यसभा टीवी का विलय, अब ‘संसद टीवी’ नाम से होगी चैनल की पहचान

नई दिल्ली। राज्यसभा टीवी और लोकसभा टीवी चैनल की जगह पर अब सिर्फ और सिर्फ एक चैनल दिखाई देगा, जिसका नाम संसद टीवी है। दरअसल, दोनों टीवी चैनलों का विलय हो गया है। जिसके बाद नए चैनल का नाम ‘संसद टीवी’ रखा गया। हाल ही में संसद टीवी की जिम्मेदारी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी रवि कपूर को दी गई है। उन्हें एक साल के लिए संसद टीवी का सीईओ नियुक्त किया गया है। संसद टीवी चैनल की आधिकारिक घोषणा सोमवार को लोकसभा सचिवालय और राज्यसभा सचिवालय द्वारा की गई है। लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी चैनल का विलय राज्यसभा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साझा निर्णय के बाद किया गया। जिसका मतलब है कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही का प्रसारण अब एक ही चैनल पर होगा। उल्लेखनीय है कि अभी तक लोकसभा की कार्यवाही लोकसभा टीवी चैनल पर जबकि उच्च सदन की कार्यवाही राज्यसभा टीवी में दिखाई जाती थी। लेकिन अब दोनों सदनों की कार्यवाही बारी-बारी से संसद टीवी में दिखाई जाएगी। 2011 में शुरु हुए राज्यसभा टीवी में राजनीतिक, सरकारी कार्यक्रमों के अलावा समसामयिक विषयों पर रिपोर्ट्स दिखाई जाती थी। सरकार ने 1 मार्च को अपने आदेश में कहा कि सभापति, राज्यसभा और स्पीकर के संयुक्त निर्णय के परिणामस्वरूप, लोकसभा आरएसटीवी और एलएसटीवी का संसद टेलीविजन में विलय करेगी। इसमें आगे कहा गया कि रवि कपूर, आईएएस (1986: असम-मेघालय) (रिटायर्ड) को तत्काल प्रभाव से एक वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए अनुबंध के आधार पर सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया है।

दो साल पहले विलय के लिए बनी थी समिति-लोकसभा टीवी को 2006 में तत्‍कालीन स्‍पीकर सोमनाथ चटर्जी ने लॉन्‍च किया था जबकि राज्‍यसभा टीवी 2011 में आया। दोनों चैनलों पर संबंधित सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होता था। इसके अलावा कई विषयों पर कार्यक्रम और चर्चाएं भी आयोजित होती थीं। साल 2019 में दोनों चैनलों के विलय को लेकर एक कमिटी का गठन किया गया था।

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