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संचारी रोग नियंत्रण अभियान का तीसरा चरण 2 सितंबर से, विस्तृत कार्ययोजना बनाकर चलाई जाएंगी सभी गतिविधियां

नोएडा: संचारी रोग नियंत्रण अभियान 2019 का तृतीय चरण 2 सितंबर से शुरू होगा। यह 30 सितंबर तक चलेगा। जिला गौतमबुद्ध नगर में इस अभियान का महत्व इस लिए और बढ़ गया है क्यों कि कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं।

हालांकि अभी गत माह जुलाई में ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया था। बरसात होने के कारण इन दिनों संचारी रोग फैलने की आशंका रहती है इसलिए इस अभियान को तीसरी बार चलाया जा रहा है। इसमें पहले और दूसरे चरण के संचारी रोग नियंत्रण अभियानों की तरह सभी गतिविधियां विस्तृत कार्ययोजना बनाकर संचालित की जाएंगी।

जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जल भराव रोकने तथा शुद्ध पेयजल उपलब्धता पर विशेष जोर होगा। इसके लिए शामिल किए गए सभी विभागों द्वारा व्यवहार परिवर्तन तथा प्रचार-प्रसार की व्यापक योजना बनायी जाएगी, ताकि जनसामान्य तक सभी जानकारियां पहुंच सकें। रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 14 विभागों की भागेदारी रहेगी। पहले की तरह सभी विभागों को जिम्मेदारिया सौंपी गयी हैं।

स्वास्थ्य विभाग: 
यह विभाग संचारी रोगों से संबंधित रोकथाम एवं नियंत्रण गतिविधियों के लिए जनपद, ब्लाक तथा पंचायत/ग्राम स्तरों पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए नोडल विभाग का काम करेगा। संचारी रोगों के केस की निगरानी करेगा। रोगियों के उपचार की व्यवस्था करेगा। रोगियों के नि:शुल्क परिवहन के लिए रोगी वाहन सेवा की व्यवस्था करेगा। वाहक नियंत्रण गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में वाहक के घनत्व का आकलन, स्त्रोतों में कमी, लार्वारोधी गतिविधियां तथा आवश्यकतानुसार फागिंग का कार्य करेगा।

शिक्षा विभाग:
इस विभाग की जिम्मेदारी होगी कि हर दिन प्रार्थना सभा में बच्चों संचारी रोगों के प्रति जागरूक करे। ताकि बच्चे अपने अभिभावकों को भी इस बारे में बताएं। इसके अलावा स्वच्छ पीने का पानी, शौचालय का प्रयोग, खुले में शौच के नुकसान के बारे में भी इन बच्चों को बतायेगा। संचारी रोगों के प्रति जागरूक करने वाले पोस्टरों को स्कूलों में प्रमुख स्थान पर लगवाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

पंचायती राज विभाग/ग्राम्य विकास विभाग:
ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हाथ धोने, शौचालय की सफाई तथा घर से जल निकासी हेतु जन-जागरण के लिये प्रचार प्रसार कराएगा। सामुदायिक वाटर फिल्टर्स, व्यक्तिगत वाटर फिल्टर्स तथा वाटर पम्पयुक्त टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट की स्थापना (माइक्रोफाइनेन्स योजनाओं के द्वारा) कराएगा। जलाशयों एवं नालियों की नियमित सफाई का जिम्मा इसी विभाग का होगा।

चिकित्सा शिक्षा विभाग: 
यह विभाग राज्य स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम के सदस्य के रूप में आउट ब्रेक रिस्पांस तथा नीति निर्धारण में सहायता करेगा।

कृषि एवं सिंचाई विभाग:
अभियान में यह विभाग इकट्ठा हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकने तथा सिंचाई के वैकल्पिक उपायों पर अपनी तकनीकी सलाह देगा।

‘जनपद में वेक्टर जनित बीमारी और संचारी रोगों की रोकथाम के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। जहां मच्छरों के लार्वा पाये गये हैं, वहां चालान किये जा रहे है। जागरूकता का नतीजा है कि इस बार अभी तक डेंगू-चिकनगुनिया का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। ’
                     मलेरिया अधिकारी- राजेश शर्मा 

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