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जब गोहिल को ‘बीजेपी की रीढ़’ बोल गए शत्रुघ्न सिन्हा, टोकने पर बोले नया खिलाड़ी हूं…

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नई दिल्ली। अपने फिल्मी डायलॉग खामोश से सभी की बोलती बंद कर देने वाले बालीवुड के सुपर स्टार और भाजपा के वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा की उस वक्त जुबान लड़खड़ा गई, जब वे कांग्रेस के मंच से भाजपा छोड़ने का ऐलान कर रहे थे। वे बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल को बीजेपी का रीढ़ बोल बैठे। मीडिया के लोगों ने टोंका तब उन्होंने कहा कि नया खिलाड़ी हूं भाई, अभी तो ऐसी गलती हो जाना स्वाभाविक है…

अरसे तक भाजपा में रहे इस शख्स के दिल पर कितना भारी पत्थर का बोझ रहा होगा, जब उसने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया होगा। मीडिया के सामने कांग्रेस ज्वाइन करने का ऐलान करने के बाद भी बार-बार जुबान पर भाजपा ही आ जा रही थी। एक बार तो बोल ही पड़े जब बगल बैठे कांग्रेस नेता और बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल को वे बीजेपी का रीढ़ कह बैठे। दरअसल, मीडिया को वे बताने की कोशिश कर रहे थे कि उन्हें कांग्रेस में लाने के पीछे गोहिल का भी अहम रोल रहा, जो कि कांग्रेस की रीढ़ हैं, लेकिन अरसे तक भाजपा बोलने की आदत के चलते उनकी जुबान से कांग्रेस की जगह भाजपा निकल गया। यह उनके अंर्तमन की व्यथा और बोझ को दर्शाता है, कि भाजपा छोड़ने का फैसला उन्होंने कितने भारी मन से किया होगा। सिन्हा ने कांग्रेस के मंच पर जाने से पहले ट्वीट करके यह बात कही थी कि वे बड़े भारी मन से भाजपा छोड़ रहे हैं।

1992 में नाना जी देशमुख के बुलावे पर शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा ज्वाइन की थी। तब संसद में भाजपा केवल दो सांसद हुआ करते थे। शत्रुघ्न सिन्हा अपनी दमदार आवाज, डायलॉग डिलेवरी और एक्टिंग के जाने जाते हैं। सियासत में भी वे गजब के भाषणबाज साबित हुए और अपने स्टारडम व दमदार आवाज के चलते भाजपा के लिए भीड़ जुटाऊ नेता बन कर उभरे। केंद्र में जब एनडीए की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार बनी तो शत्रुघ्न सिन्हा को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। 2014 में सिन्हा दोबारा से पटना साहब से लोकसभा पहुंचे। लेकिन केंद्र में एनडीए की बनी नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें कोई जगह नहीं दी गई। अलबत्ता तमाम वरिष्ठ नेताओं की तरह ही उनकी भी अनदेखी की गई। इसके बाद से सिन्हा की पार्टी हाईकमान और पीएम मोदी के साथ कड़वाहट बढ़ती चली गई। आखिरकार सिन्हा को भाजपा को अलविदा कहना पड़ा। शनिवार, नवरात्र के पहले दिन और भाजपा के स्थापना दिवस पर ही सिन्हा ने कांग्रेस ज्वाइन करने की घोषणा की। अब वे पटना साहब से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं। उनका सामना अपनी पुरानी पार्टी के साथ रवि शंकर प्रसाद से होगा। माना यह भी जा रहा है कि सिन्हा कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की भी सूची में शामिल किए जाएंगे।

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