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कौनसा छाती में दर्द हार्ट का है ? कौनसा नही ? बता रहे है डीएम कार्डियोलॉजी डॉ अनुभव सिंघल 

दिल की नसों में ब्लॉकेज (सीएडी) की वजह से होने वाला छाती में दर्द चलने, फिरने, मेहनत का काम करने, वजन उठा कर चलने, खाना खाने के बाद चलने, जीना चढ़ने, अधिक सर्दी में घूमने, मानसिक तनाव बढ़ने या कभी-कभी रात को गहरी नींद मे सोते हुए होता है, परंतु खास बात यह है कि जैसे ही वह मेहनत का काम/एक्टिविटी बंद की जाती है या मरीज रुक कर/लेट कर आराम करने लगता है, दर्द में तुरंत ही(मिनटों में) आराम होना शुरू हो जाता है एवं एक गणित की कैल्कुलेशन की तरह ठीक उतना ही बर्डन लेने पर वहीं लक्षण फिर शुरू हो जाते हैं (एंजाइना ऑन एग्ज़रशन). एंजाइना पेन सही शब्दों में एक दर्द ना होकर, छाती में एक जकड़न, दबाव, भारीपन होता है जो बाएं कंधे/हाथ, गले एवं जबड़ों तक फैलता है, कभी-कभी घुटन, बेचैनी या गले में जलन की फीलिंग भी होती है।

कौन सा छाती दर्द हार्ट का नहींकिसी भी कार्डियोलॉजिस्ट की ओपीडी में 50 परसेंट से अधिक छाती में दर्द के मरीज बिना हार्ट की बीमारी(मस्कुलर टाइप पैन) के होते हैं, क्योंकि पब्लिक में हार्ट की बीमारी का बहुत बड़ा डर बना रहता है। सेकंडो या कुछ पलों के दर्द(दो-तीन मिनट से कम), पिन या सुई सी चुभना,काटां सा खडा होना, चींटी सी काटना, फोड़े की तरह चस-चस, लहर सी उठना, चबक सी मारना, हर समय छाती में मीठा मीठा दर्द होना (24 घंटे), काम करने/मेहनत करने/भागदौड़ से दर्द का न बढ़ना, पिन प्वाइंट दर्द जिससे मरीज छाती पर निश्चित जगह उंगली लगा कर कहे कि ठीक इसी पॉइंट पर दर्द है, सांस लेने के साथ, करवट बदलने/पोस्चर चेंज करने से बढ़ने वाले दर्द, नाभि के नीचे एवं कान के ऊपर वाले दर्द, आराम करने से बढ़ने वाले एवं काम करने से घटने वाले दर्द सामान्यतः दिल की नसों में ब्लॉकेज की वजह से नहीं होते।

किन लोगो के छाती मे दर्द हार्ट की वजह से नही होते।  ज्यादातर इस तरह के नॉनकार्डियक मस्कुलर टाइप चेस्ट पेन उन लोगों में होते हैं जिन्हें कुछ मेंटल टेंशन, स्ट्रेस, एंग्जाइटी चल रही हो। जैसे किसी नियर-डियर की अकस्मात हार्ट-अटैक से मृत्यु होने के बाद के शुरुआती महीनों में, घरेलू टेंशन वाली मिडल-क्लास लेडीज़ में, टाइप-ए-पर्सनालिटीज़ मे(जो लोग छोटी छोटी बातों से जल्दी  परेशान हो जाते हैं), यंग-ऐज में कैरियर/एक्जाम की स्ट्रेस होने पर।

क्या जांच कराएं?  इस तरह के दर्द में सारे टेस्ट नार्मल ही आते हैं जैसे ईसीजी, ईको, टीएमटी, खून के टेस्ट, एन्ज्योग्राफी इत्यादि। फिर भी यदि कोई एक टेस्ट कराना हो तो चिकित्सक की सलाह लेकर टीएमटी कराना चाहिए। केवल कोलस्ट्रोल बढ़ने से छाती में दर्द नहीं होता, बहुत से लोग कोलेस्ट्रोल की थोड़ी बहुत बढी रिपोर्ट लेकर घूमते रहते हैं एवं सोचते हैं कि खून गाढ़ा होने से छाती में दर्द हो रहा है, जल्दी ही अटैक ना हो जाये। उनके इस डर को कुछ छोटे डॉक्टर, मेडिकल स्टोर एवं पैथोलॉजी लैब वाले भी बढ़ा चढ़ाकर बताते हैं। हार्ट स्पेशलिस्ट निन्यानवे परसेंट तो मरीज के लक्षण सुनकर ही बिना कोई टेस्ट कराए बता सकता हैं कि दर्द हार्ट का है भी या नहीं।

 मस्कुलर पेन का इलाज क्या है?  वैसे तो  समय के साथ टेंशन, स्ट्रैस कम/खत्म होने पर यह दर्द खुद-ब-खुद बंद हो जाते हैं। परंतु इस बीच डॉक्टर के विश्वास दिलाने (रिएश्योरेंस), कुछ टेस्ट के नार्मल आ जाने, मेंटल-रिलैक्सेशन, योग-प्राणायाम करने एवं कभी-कभार दर्द/एंग्जायटी की दवा लेने से काफी आराम पड़ जाता है।

 किन लोगों में छाती के दर्द को सीरियसली लेना चाहिए?  लंबी शूगर-बीपी, सिगरेट-तंबाकू की लत, कम उम्र में हार्ट-अटैक की फैमिली-हिस्ट्री वाले लोगों को छाती में किसी भी प्रकार के दर्द होने पर दिल के डॉक्टर को दिखाने एवं जांच (टीएमटी इत्यादि) कराने का थैशहोल्ड कम ही रखना चाहिए। 

डॉ अनुभव सिंघल  एमडी मेडिसिन (गोल्डमेडल)

डीएम कार्डियोलॉजी 

(एसजीपीजीआई, लखनऊ)

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