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डब्ल्यूएचओ वुहान जाकर करेगा कोरोना की उत्पत्ति की जांच

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम चीन जाकर कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच करेगी। कोरोना वायरस की शुरुआत पिछले साल चीन के वुहान शहर से हुई थी।  चीन ने कोरोना वायरस के प्रकोप के बारे में जानकारी देने में देरी की थी। जिसके चलते कोरोना वायरस के मामले देखते ही देखते दो महीने में दुनियाभर में फैल गए। डब्ल्यूएचओ की एक टीम अगले सप्ताह चीन जाकर वायरस की उत्पत्ति और उसके फैलने की जांच करेगी। चीन में डब्ल्यूएचओ के कार्यालय द्वारा ‘वायरल निमोनिया’ के मामलों पर वुहान नगर स्वास्थ्य आयोग का बयान लेने के बाद यह जांच छह महीने से अधिक समय तक चलेगी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेबियस ने जनवरी में चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक टीम भेजने के लिए जल्द से जल्द प्रकोप की समझ बढ़ाने के लिए काम करने के लिए एक समझौते के बारे में बात की थी। कोरोना वायरस के वजह से दुनिया में पांच लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा कोरोना संक्रमित मरीज और मरने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि वायरस की उत्पत्ति में ‘गहन जांच’ की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ इस यात्रा के लिए चीन सरकार के साथ काम कर रहा है। स्वामीनाथन ने एएनआई को बताया, एक टीम वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए अगले सप्ताह चीन जा रही है। उन्होंने कहा कि दिसंबर से पहले एक अच्छी जांच सामने आ सकती है। यह पता लगाया जा सकता है कि जानवार से मानव में ये वायरस कैसे आया। डॉ स्वामीनाथन ने कहा कि चीनी सरकार ने 31 दिसंबर को वुहान से निमोनिया के मामलों के प्रकोप की सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि अनुक्रम बताते हैं कि कोविड-19 पैदा करने वाला वायरस बहुत हद तक बैट वायरस के समान है। हम इस अर्थ में उससे अधिक नहीं जानते हैं कि यह कहां और कैसे उत्पन्न हुआ है।

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