Press "Enter" to skip to content

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में दशक बाद आईं महिला सदस्य

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में एक दशक के बाद न्यायमूर्ति आर.भानुमती के रूप में महिला सदस्य शामिल हुई हैं। भानुमती, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के आज सेवानिवृत्त होने के बाद इसका हिस्सा बन जाएंगी। उनसे पहले लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट में सेवा देने वाले न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति रूमा पाल कॉलेजियम प्रणाली का तीन साल तक 4 जून 2006 को सेवानिवृत्त होने तक इसका हिस्सा रही। पाल को 28 जनवरी, 2000 को शीर्ष कोर्ट का न्यायधीश नियुक्त किया गया था।

न्यायमूर्ति भानुमती, तमिलनाडु से हैं। वह शीर्ष कोर्ट के पांच सीनियर न्यायाधीशों में से हैं, जो नियमों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम का हिस्सा हैं। कॉलेजियम विभिन्न हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करता है। न्यायमूर्ति भानुमती के अलावा, न्यायमूर्ति एस.ए.बोबडे, न्यायमूर्ति एन.वी. रमना और अरुण मिश्रा और आर.एफ. नरीमन कॉलेजियम का हिस्सा हैं। न्यायमूर्ति भानुमती का जन्म 20 जुलाई 1955 को हुआ और उन्होंने तमिलनाडु हायर ज्यूडिशियल सेवा से अपनी शुरुआत की। उन्हें सीधे तौर पर 1988 में जिला न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

More from देश प्रदेशMore posts in देश प्रदेश »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.