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शहरी क्षेत्रों में मजदूरों को मिलेगा किराए पर सरकारी आसियाना,केंद्र सरकार की 1.15 लाख घर बनाने की योजना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट और सीसीईए की बैठक में बुधवार को कई अहम फैसले लिए गए। इनमें केंद्र सरकार ने जहां शहरी क्षेत्र में मजदूरों के लिए 1.15 लाख से ज्यादा घर बनाने को मंजूरी दी है। वहीं गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक विस्तार देने वाले पीएम की घोषणा पर भी मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मजदूरों के लिए 1.15 लाख घर एक बेडरूम किचन वाले बनेंगे। इसके लिए सरकार ने शहरी गरीबों और प्रवासियों के लिए अफोर्डेबेल रेंटल हाउसिंग कॉम्पलेक्स को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना- अर्बन के तहत मजदूरों के घर बनाए जाएंगे। सरकार ने मजदूरों के लिए 1.15 लाख घर एक बेडरूम किचन वाले बनेंगे। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मजदूरों को घर किराये पर दिए जाएंगे। 1.08 लाख घर मजदूरों को किराये पर दिए जाएंगे। सरकार ने शहरी गरीबों और प्रवासियों के लिए अफोर्डेबेल रेंटल हाउसिंग कॉम्पलेक्स को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन के तहत मजदूरों के घर बनाए जाएंगे। इस योजना पर करीब 600 करोड़ रुपए खर्च होगा। मौजदूा सरकारी फंड से तैयार खाली कॉम्लेक्स को अफोर्डेबेल रेंटल हाउसिंग कॉम्पलेक्स में बदला जाएगा।

गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार को मंजूरी-कैबिनेट बैठक में गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक बढ़ाने पर कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार नवंबर तक 80 करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन बांट रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में इसकी घोषणा की है। ये राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बांटा जा रहा है। मार्च महीने में सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का ऐलान किया था। सरकार इस योजना के तहत लोगों को बीते तीने महीने से मुफ्त राशन बांट रही है जिसे नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

कारोबारियों और कर्मचारियों को तोहफा-सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने कारोबारियों और कर्मचारियों को 24 फीसदी ईपीएफ सपोर्ट को मंजूरी दी है। पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत जिन कंपनियों में 100 कर्मचारी तक मौजूद हैं और इनमें से 90 फीसदी कर्मचारी 15 हजार रुपये से कम महीने में कमाते हैं, ऐसी कंपनियों और उनके कर्मचारियों की ओर से ईपीएफ में योगदान मार्च से लेकर अगस्त 2020 तक के लिए सरकार की ओर से दिया जा रहा है। मई महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत तीन महीने के लिए बेनिफिट्स को बढ़ाने की घोषणा की थी, जहां सरकार ईपीएफ योगदान का पूरा 24 फीसदी अगस्त तक भरेगी. इससे 3.67 लाख नियोक्ताओं और 72.22 लाख कर्मचारियों का राहत मिलेगी।

सितंबर तक मिलेंगे फ्री सिलेंडर-कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को मिलने वाले फ्री एलपीजी सिलेंडर योजना को लेकर हुआ। कैबिनेट ने उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को मिलने वाले फ्री एलपीजी सिलेंडर योजना का विस्तार किया है यानी उज्ज्वला लाभार्थियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर तक फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे।

तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को 12450 दिए जाएंगे-कैबिनेट ने तीन सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों- ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में 12,450 करोड़ रुपए डालने की मंजूरी दी है। इन कंपनियों तीनों का मर्जर के लिए पैसे की जरूरत थी. इसमें से 2500 करोड़ रुपए सरकार पहले दे चुकी है।

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