Press "Enter" to skip to content

श्रीराम काॅलेज में नेशनल ऐसोसिऐशन स्टूडेन्ट आफ आर्किटेक्चर द्वारा दो दिवसीय वर्कशाॅप

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

मुजफ्फरनगर
आज श्रीराम ग्रुप आफ काॅलेजेज की इकाई श्रीराम स्कूल आफ आर्किटेक्चर में नासा (नेशनल ऐसोसिऐशन स्टूडेन्ट आफ आर्किटेक्चर) द्वारा दो दिवसीय आर्किटेक्चर वर्कशाॅप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन आज कन्वंशन मीट आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर अजय शंकर पाण्डेय की धर्मपत्नी डाॅ0 सीमा पाण्डेय व अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीराम ग्रुप आफ काॅलेजेज़ के चेयरमैन डा0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ द्वारा की गई।
श्रीराम स्कूल आफ आर्किटेक्चर का नासा में प्रतिनिधित्व करने वाले एवं इस कार्यक्रम के काॅर्डिनेटर वागेश चैधरी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आज कार्यक्रम के पहले दिन आटोकेड, फोटोशाॅप, रेविट, ग्रीन बिल्ड़िग कान्सेप्ट, हैंड आन ब्रिक वर्क के बारे में कार्यक्रम में शिरकत कर रहे आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। वागेश चैधरी ने बताया कि इस कार्यशाला में आर्किटेक्चर की पांच विधाओं में आटोकेड 2डी व 3डी कम्प्यूटर ऐडीट ड्राॅफ्टिंग साफ्टवेयर ऐप्लीकेशन होती है। जिसका उपयोग मुख्य रूप से आर्किटेक्चर कंसट्रक्शन, मेनीफेक्चरिंग इंजीनियरिंग के प्लाॅन का ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिये किया जाता है। फोटोशाॅप में आर्किटेक्चर प्लाॅन का ग्राफिकल रिप्रजेन्टनेशन और एडिटिंग में उपयोग होता है। साथ ही रेविट का उपयोग बिल्ड़िग साॅफ्टवेयर का 3डी माॅडल तैयार करने में किया जाता है। ग्रिन बिल्ड़िंग कान्सेप्ट के अन्तर्गत् ग्रीन बिल्ड़िंग बनाने में ऐसे स्त्रोतों का उपयोग किया जाता है जो भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिये अनुकूल हां। इसी कार्यक्रम में हैंड आन ब्रिक वर्क पर भी संक्षेप में बताया गया कि किस प्रकार अलग-अलग ईंटों का उपयोग करके बिल्ड़िग के कन्सटेªक्शन को उपयोगी व सुन्दर बनाया जाता है।
इस अवसर पर श्रीराम इंजीनियरिंग काॅलेज के निदेशक डा0 डी0के0पी0 सिंह ने बताया कि आज आयोजित हुई दो दिवसीय कार्यक्रम में आर्किटेक्चर के पांच अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही खेल प्रतियोगितायें भी आयोजित की गई। जिसमें आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आस-पास के राज्यों के लगभग 70 आर्किटेक्चर काॅलेजेज़ से तकरीबन 1000 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने आगे बताया कि नासा द्वारा समस्त भारत को 06 जोन में बांटा गया है। प्रथम जोन में होने वाले इस कार्यक्रम के आयोजन के लिये जोन के 70 विद्यालयों मे से 15 विद्यालयों ने आवेदन किया था जिसमें श्रीराम ग्रुप आफ काॅलेजेज का आवेदन स्वीकार किया गया। इसके प्रथम जोन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, दिल्ली में स्थित महाविद्यालय सम्मिलित हुए है । उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में अलग-अलग राज्यों एवं क्षेत्रों से आने वाले आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों की रहने, ठहरने और खाने की व्यवस्था काॅलेज प्रशासन द्वारा काॅलेज के हाॅस्टल में ही की गई है।
इस अवसर पर नासा इण्डिया के कार्यक्रम में चंडीगढ से आर्किटेक्ट गुरूप्रीत सिंह, राहुल सैनी आर्किटेक्ट राइटर, दिल्ली के आर्किटेक्ट जूही अग्रवाल, विवेक वालिया आर्किटेक्ट ने कार्यक्रम में शिरकत की तथा पैनल डिस्कशन में भी आर्किटेक्ट पैनल के सदस्यों के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आर्किटेक्ट विनय सिंह, अश्वनी कल्याणी, विभोर, अली आलम और रोहित कुमार आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.
More from शहरनामाMore posts in शहरनामा »

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

    Mission News Theme by Compete Themes.