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वर्ल्ड अल्जाइमर डे: डिमेंशिया का सबसे सामान्य रूप है अल्जाइमर

नई दिल्ली ।अल्जाइमर  मरीजो की संख्या लगातार बढ़ रही है ,डब्लूएचओ  की रिपोर्ट के अनुसार हर 5 सेकेंड मे दुनिया भर मे अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है, करीब 38 मिलियन लोग अल्जाइमर से पीड़ित है आने वाले 10 सालो मे इसकी संख्या बढ़कर 76 लाख होने की संभावना है  अल्जाइमर होने पर मष्तिस्क तंत्रिका तंत्र की  कोशिकाएं  विकृत या नष्ट हो जाती हैनई दिल्ली  स्थित  सरोज सुपरस्पेशेलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी विभाग के एच ओ डी, एवं सीनियर कंसल्टेंट  डॉ. जयदीप बंसल   का कहना है मष्तिस्क मे विशेष एक तरह के एमिलॉइड प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होने के कारण ब्रेन सेल्स मे प्लाक जमा हो जाता है ,जिससे मरीज़ की अनुभूति ,यादाशत ,मानसिक व्यव्हार मे गिरावट आने लगती है   जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, याददाश्त प्रभावित होती जाती है, लेकिन विस्मृति किसी भी उम्र में हो  सकती है। 65 वर्ष से अधिक उम्र के कम से कम आधे से अधिक लोगों का कहना है कि अपनी युवावस्था की तुलना में अब वे चीजें ज्यादा भूलने लगे हैं। उन्हें वृद्धावस्था का अनुभव होने लगता है, भूलने की यह समस्या उम्र बढऩे के कारण हो रही हो, यह जरूरी नहीं, क्योंकि आप वृद्धावस्था के दौरान पर्याप्त दिमागी कसरत नहीं करते हैं। इसलिए, दिमाग और शरीर दोनों को सक्रिय बनाए रखने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेने से विस्मृति को कम किया जा सकता है।
डॉ. जयदीप बंसल का कहना है अफसोस की बात है, कि कई लोग विस्मृति को अल्जाइमर्स का शुरुआती लक्षण मानते हैं। शुक्र है, उपरोक्त वर्णित लक्षण याददाश्त या अल्जाइमर्स जैसी कोई गंभीर परेशानी से जुड़े हों, यह जरूरी नहीं। ये अन्य गंभीर समस्याओं जैसे स्यूडोडिमेंशिया, बुद्धि संबंधी विकार या डिमेंशिया के भी लक्षण हो सकते हैं। याददाश्त संबंधी समस्याएं स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याओं के कारण हो सकता है, जिसका उपचार किया जा सकता है। उदारण के लिए, दवाओं के साइड  इफेक्ट्स, विटामिन बी12 की कमी, शराब पीने की पुरानी लत, ब्रेन में ट्यूमर या इंफेक्शन या ब्रेन में ब्लड क्लॉटिंग याददाश्त जाने या डिमेंशिया के कारण हो सकते हैं।
डॉ. जयदीप बंसल के अनुसार डिमेंशिया खुद में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि अल्जाइमर्स या ऐसी ही बीमारियों के कारण होने वाले लक्षणों का समूह है। डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति की मानसिक क्षमता विभिन्न तरीकों से प्रभावित हो जाती है। माइल्ड कॉग्नेटिव इम्पेयरमेंट (एमआईसी)- एमआईसी के लक्षणों में जरूरी अवसरों और चीजों का भूल जाना शामिल है।
 यदि आपको या किसी और को याददाश्त से जुड़ी कोई गंभीर समस्या महसूस होती है तो अपने डॉक्टर से बात करें। वे आपकी समस्या का उपचार कर सकते हैं या फिर किसी न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाने की सलाह दे सकते हैं। जो लोग डिमेंशिया से हैं पीड़ित हैं उन्हें समस्या को आगे बढऩे से रोकने के लिए पहले से ही कदम उठाने चाहिए। इसके तहत रक्तचाप को नियंत्रित करना, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के उच्च स्तर को नियंत्रित करना और उसका इलाज करना और धूम्रपान से परहेज करने जैसे उपाय शामिल हैं।
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